हितेश पंत (नई दिल्ली)
तेजी से बढ़ रही डेटिंग ऐप्स अब मैट्रिमोनियल साइट और विज्ञापनों पर भारी पड़ रहे हैं। हाल में हुए एक सर्वे में ये रोचक बात सामने आयी है कि मेलजोल बढ़ाने के लिए देश में युवा डेटिंग वैबसाइट, ऐप और सोशल मीडिया की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। ये सर्वे देश के 10 बड़े शहरों में किया गया है।
ऐसोचैम ने देश के 20 से 30 साल के 1500 युवाओं में एक सर्वेक्षण कराया है। यह सर्वे चारों मेट्रो सिटीज को मिलाकर 10 बड़े शहरों में किया गया है। सर्वे के जो परिणाम सामने आए हैं उसके मुताबिक 55 प्रतिशत युवाओं ने किसी से जुड़ने लिए डेटिंग ऐप को प्राथमिकता देने की बात स्वीकार की है। युवाओं का मानना है कि डेटिंग वैबसाइट या ऐप में गोपनीयता बनी रहती है, इसलिए ये ज्यादा सुरक्षित हैं। हांलाकि इन एप्लीकेशन में अपना नाम और फोटो उजागर करने की भी स्वतंत्रता है।
सर्वे में शामिल युवाओं का मानना है कि मैट्रिमोनियल वैबसाइट पारंपरिक मापदंडों के आधार पर चलती हैं। लेकिन अब वे लीक से कुछ हटकर करना चाहते हैं। डेटिंग ऐप्स में साथी को जानने और समझने की ज्यादा आजादी होती है। इसके अलावा शादी या एक होने का कोई दबाव नहीं रहता। इसलिए डेटिंग ऐप्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
ऐसोचैम के चीफ सेक्रेटरी डीएस रावत का कहना है कि डेटिंग ऐप लोगों को ऑनलाइन मिलने का मौका देते हैं। इसलिए आने वाले समय में इनकी लोकप्रियता और भी बढ़ने की संभावना है। डेटिंग वैबसाइट और ऐप इस वक्त देश में करीब 500 करोड़ का करोबार कर रहे हैं। युवाओं का इन ऐप्स के प्रति लगातार बढ़ता लगाव देखकर कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में ये करोड़ों का कारोबार करेंगी।


