हितेश पंत (नई दिल्ली)
चेन्नई में आज से पूरी दुनिया के सामने भारत में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है। आज देश के 10वें डिफेंस एक्स्पो की शुरूआत हो गई। इस एक्स्पो में रक्षा उपकरण क्षेत्र में काम कर रही भारत की कंपनियों के साथ करीब 47 देशों की कंपनियां हिस्सा ले रहीं हैं। रक्षा क्षेत्र के इस मेले में हथियारों और रक्षा उपकरणों की बड़ी प्रदर्शनी लगी है।
चेन्नई के कांचीपुरम में आज से शुरु हुए डिफेंस एक्स्पो की थीम है “भारत एक उभरता हुआ रक्षा उत्पादकों का हब”। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इस डिफेंस एक्स्पो की शुरुआत की। इस एक्स्पो में कुल 701 कंपनियां हिस्सा ले रहीं हैं। इनमें से 539 कंपनियां भारतीय और 163 कंपनियां दूसरे देशों की हैं। इसमें अमेरिका, फ्रांस, रूस, फिनलैंड, इटली सहित 47 देशों की कंपनियां शामिल हैं।
इस बार डिफेंस एक्स्पो में मेक इन इंडिया प्रोडक्ट्स की धूम रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 12 अप्रैल को मेक इन इंडिया स्टॉल का शुभारंभ करेंगे। एक्स्पो में देश में तैयार किए गए उन सभी हथियारों का प्रदर्शन होगा जो जमीन, हवा और पानी सभी जगह दुश्मनों से निपटने में माहिर हैं। भारत की गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, गोवा शिपयार्ड, हिंदुस्तान शिपयार्ड, टाटा, कल्याणी, डीआरडीओ सहित कई संगठनों की उपस्थिति रहेगी।
डिफेंस एक्स्पो 11 से 14 अप्रैल तक चलेगा। इसमें पहले दिन बिजनेस से जुड़े लोग ही हिस्सा ले सकेंगे। 14 अप्रैल को ये एक्स्पो आम लोगों के लिए खुला रहेगा। रक्षा विषयों से जुड़े कई सेमिनार भी यहां होंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस एक्स्पो के जरिए दुनिया भारत में हो रहे रक्षा उपकरणों और हथियारों के निर्माण की क्षमता देखेगी। सरकार भारत में बने उपकरणों को निर्यात करने की योजना भी बना रहा है।