हितेश पंत (नई दिल्ली)
मैसूर के एक गर्ल्स कॉलेज में राहुल गांधी की तब छिछालेदार हो गई जब वो एनसीसी सी सर्टिफिकेट से संबंधित जवाब नहीं दे सके। छात्रा के सवाल पर राहुल बोले उन्हें एनसीसी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट की ज्यादा जानकारी नहीं है। इसके बाद एनसीसी कैडेट्स और छात्रों में बड़ी निराशा दिखी। सैनिक की तरह अनुशासित और प्रशिक्षित छात्रों के इतने बड़े संगठन की जानकारी न होना ताज्जुब की बात भी है। आप तो एनसीसी से परिचित ही होंगे। एनसीसी सी सर्टिफिकेट के बारे में भी आपको जानकारी है क्या, जिसका जवाब राहुल गांधी नहीं दे पाए।
एससीसी यानी नेशनल कैडेट कोर स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र छात्राओं का स्वैच्छिक संगठन है। इसमें कैडेट्स को सैन्य अनाशासन और बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में देश में करीब 15 लाख एनसीसी कैडेट्स हैं। एनसीसी प्रशिक्षण के बाद लिखित परीक्षा पास करने और परैड में बेहरतीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ए, बी और सी सर्टिफिकेट दिया जाता है।
सी सर्टिफिकेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी लेवल पर कठिन मेहनत के बाद मिलता है। सी सर्टिफिकेट प्राप्त छात्रों को उच्च शिक्षा में दाखिले और सरकारी नौकरियों में वरीयता दी जाती है। सेना, नौ सेना और वायु सेना में तो सी सर्टिफिकेट हॉल्डर्स का अलग कोटा होता है। सी सर्टिफिकेट पाने वालों को बिना किसी लिखित परीक्षा के एसएसबी में शामिल होने का मौका मिलता है। एसएसबी पास करके सीधा सेना में अधिकारी बनने का मौका होता है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार में भी सी सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीवारों को नौकरी में वरीयता दी जाती है। कुछ जगह उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए एनसीसी बी और सी सर्टिफिकेट पाने वाले छात्रों को छूट मिलती है।
