हितेश पंत (नई दिल्ली)
इंजीनियरिंग की तैयारी में लगी लड़कियों के लिए अच्छी खबर हैं। इस साल से आईआईटी में लड़कियों के लिए सीटें रिजर्व की गई हैं। आईआईटी काउंसिल ने लड़कियों के लिए सुपरन्यूमरी सीटें रखने का फैसला लिया है। यानी लड़कियों के लिए जो सीटें आरक्षित हैं, उन पर सिर्फ लड़कियों को ही एडमिशन मिलेगा और योग्य फीमेल केन्डीडेट न होने पर सीट खाली रहेगी।
देश के 20 आईआईटी में इस बार से लड़कियों के लिए कुल 779 सीटें रिजर्व कर दी गई हैं। उच्च इंजीनियरिंग संस्थान में लड़कियों की संख्या बढ़ाने लिए ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड ने बीते साल आईआईटी में लड़कियों के लिए अलग से सीटें रिजर्व रखने का सुझाव दिया था। आईआईटी काउंसिल का अनुमान है इस फैसले के बाद इस बार आईआईटी में 20 फीसदी ज्यादा लड़कियों का एडमिशन होगा।
आईआईटी खड़गपुर में लड़कियों के लिए सबसे ज्यादा 113 सीटें रिजर्व की गई हैं। इसके अलावा आईआईटी धनबाद में 95 सीटें, आईआईटी कानुपर में 79 सीटें, आईआईटी बीएचयू में 76 सीट, आईआईटी रूड़की में 68 सीट, आईआईटी दिल्ली में 59 सीट, आईआईटी बॉम्बे में 59 सीट, आईआईटी मद्रास में 31, आईआईटी पटना में 25, आईआईटी इंदौर में 15, आईआईटी भुवनेश्वर में 18 और आईआईटी गुवाहाटी में 57 सीटें रिजर्व की गई हैं।
पिछले कई सालों से आईआईटी में लड़कियों की संख्या बहुत कम होती जा रही है। पिछले साल यहां बीटेक कॉर्स में कुल 10,987 छात्रों का दाखिला हुआ था, जिसमें से लड़कियों की संख्या सिर्फ 1006 थी। इसके अलावा आईआईटी के पोस्ट ग्रेजुएट्स कोर्स में 22 फीसदी लड़कियों का दाखिला हुआ था। इस बार आईआईटी का ज्वाइंट एन्ट्रेस एग्जाम एडवांस 20 मई को आयोजित होगा।