भारतीय रेलवे ने धार्मिक पहल लेते हुए “रामायण एक्सप्रेस” की शुरूआत की है। ये ट्रेन दिल्ली के सफ़दरजंग रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर राम जन्म भूमि अयोध्या होते हुए राम्कोट,चित्रकूट,वाराणसी, हंपि, नासिक, प्रयाग आदि कई हिन्दू तीर्थ स्थलों से होते हुए रामेश्वरम तक जायेगी।
खास बात ये है की, ये योजना मात्र भारत तक सीमित नहीँ है। बल्कि राम रावण युद्ध भूमि श्रीलंका तक विस्तरित है। तीर्थ यत्रियों को कोलम्बिया तक का सफ़र आईआरसीटीसी रामेश्वरम से हवाई मार्ग से कराएगा।
यत्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे यत्रियों को कहीं भी पैदल यात्रा नहीँ करनी पड़ेगी। मुख्य स्थल तक पहुंचने के लिए बस की व्यवस्था की जाएगी। इस ट्रेन की क्षमता 800 यत्रियों की है। तथा 15,000-16,000/ प्रति व्यक्ति किराया होगा। 16 दिन की यात्रा में विभिन्न हिन्दू धार्मिक स्थल व धार्मिक ऐतिहासिक स्थल शामिल होंगे। यत्रियों के रुकने व खान पान की व्यवस्था की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी की होगी। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए विभिन्न धर्म शालाओं का प्रबंध किया जायेगा । ये ट्रेन वर्ष में 1-2 बार चलेगी ।
भारतीय रेलवे से पूर्व मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मुख्य मंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत भी की जा चुकी है। जिसके तहत वृद्ध नागरिकों को विभिन्न तीर्थ स्थल जैसे हरिद्वार,रमेश्वरम,मक्का मदीना आदि दर्शन कराये जाते हैं।
“रामायण एक्सप्रेस” की बुकिंग ऑनलाइन भी की जा सकेगी। इस वर्ष 14 नवम्बर यानी जवाहर लाल नेहरु के जन्मदिन से इसकी शुरुआत होगी। राजधानी के सफ़दरजंग रेलवे स्टेशन से प्रधानमंत्री द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया जायेगा। इस योजना की संपूर्ण जानकारी आईआरसीटीसी की वेबसाइट से देखी जा सकती है।