कल यानी 19 सितंबर से बहुप्रतीक्षित आईपीएल 2020 शुरू होने जा रहा है। लेकिन क्या आप बायो- बबल से परिचित है, आपको बता दें कि इस बार कारोना महामारी के चलते आईपीएल के खिलाड़ी, स्टाफ एक खाश तरीके के सुरक्षित आर्टिफिशियल वातावरण में रहेंगे जिसे बायो- बबल कहा जा रहा है, आइए आपको विस्तार से बताते इस बायो- बबल के बारे में।
क्या है यह इको या बायो- बबल ?
साधारण भाषा में समझाएं तो यह एक ऐसा वातावरण है, जिससे बाहरी दुनिया में रहने वालों को कोई संपर्क नहीं होता, इसमें रखे जाने वाले लोग बाहर की दुनिया से पूरी तरह से कट जाते है। इंडियन प्रीमियर लीग 2020 में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ, मैच ऑफिशियल, होटल स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराया जाता है इसके बाद सभी को बायो बबल में प्रवेश दिया जाता है।
एक बार इसमें जाने के बाद किसी को यहां तक की कोरोना टेस्ट करने वाली मेडिकल टीम को भी इसके बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। इस घेरे में वही लोग होते हैं जो कोरोना टेस्ट के गुजरें हों और पूरी तरह से संक्रमण से दूर हों। इस घेरे में रहने वाले लोग बाहरी दुनिया के कट जाते हैं। यानी एक ऐसा घेरा जिसमें सिर्फ वही लोग रहते हैं जिनको जांच के बाद यहां रहने की अनुमति हासिल करते हैं।
किस तरह से बनाया गया बयो बबल है?
20 अगस्त के बाद से ही टीमों के दुबई आने का सिलसिला शुरू हो गया था। आईपीएल में भाग लेने पहुंचे हर एक खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ का दुबई रवाना होने से पहले दो बार कोरोना टेस्ट करवाया गया था। दुबई में सभी को नियम के मुताबिक सात दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया। इस अवधि में सभी का तीन बार टेस्ट नेगेटिव आने के बाद ही बबल में शामिल किया गया।
बायो- बबल तोड़ने पर क्या होगा?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुकाबिक बायो-बबल तोड़ने वाले को IPL कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी माना जाएगा और इसके तहत सजा होगी। अगर कोई खिलाड़ी बायो-बबल से बाहर जाता है तो उसके उपर कुछ मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने चेतावनी दे है कि बबल तोड़ने पर खिलाड़ी को कॉन्ट्रैक्ट से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

