टेलिकम्युनिकशन इंडस्ट्रीज रिलायंस ने अपने 42वीं सलाना जनरल मीटिंग में जियो फाइबर को लेकर कई बड़े एलान किए हैं| इस मेटिंग में कंपनी ने जिओ गीगा फाइबर के कई ऑफर्स को भी बतया है| इस मीटिंग के बाद साफ हो गया है कि 5 सितंबर से जियो की फाइबर सर्विस देश के हर आम नागरिक के लिए उपलब्ध होगी| हालांकि Jio Internet of things (IoT) प्लेटफॉर्म 1 जनवरी 2020 से उपलब्ध होगा|
जियो कंपनी ने कहा है कि उसने देशभर में अपने 4G नेटवर्क के साथ Narrow Band To The Things को जोड़ा है इसलिए इसे NBIoT कहा जाएगा| लॉन्च के दो साल के अंदर ही जियो ने दो बिलियन यानी की 20 करोड़ डिवाइस को Jio Internet of things के साथ जोड़ा है|
कंपनी से इतना ही नहीं बल्कि यह भी बतया है की Reliance Jio ने अमेरिकी लीडिंग टेक्नोलॉजी कंपनी Microsoft के साथ लॉन्ग टर्म साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत भारतीय यूजर्स का डाटा भारत में ही स्टोर किया जाएगा।
अंबानी ने मीटिंग के दौरान कहा कि, मैं इस बात की घोषणा करते हुए गर्वान्वित महसूस कर रहा हूं कि Jio और Microsoft ने एक यूनिक ग्लोबली लॉन्ग टर्म प्लान बनाया है, जिसमें देश को डिजिटल ट्रांसफॉर्म किया जाएगा। इस नई पार्टनरशिप के तहत Reliance वर्ल्ड क्लास डाटा सेंटर नेटवर्क सेटअप करेगा जो Microsoft Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म के साथ काम करेगा।
इस पार्टनर्शिप के अलावा Reliance Jio क्लाउड टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी को फ्री में उपलब्ध कराया जाएगा। जो भी स्टार्ट-अप इस सर्विस का इस्तेमाल करना चाहते हैं वो Jio की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करा सकते हैं। Jio Internet of things 1 जनवरी 2020 से व्यावसायिक तौर पर रोल आउट की जाएगी। Reliance Jio और Microsoft की इस पहल से केन्द्र सरकार की डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा मिलेगा।
Jio Internet of things (IoT) सर्विस का डेमो पिछले साल इंडियन मोबाइल कांग्रेस में दिया था|

