विटामिन डी, जिसे धूप विटामिन के रूप में भी जाना जाता है, आपके शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। विटामिन डी की कमी वैसे तो कोई लक्षण नहीं दिखाती लेकिन केवल सूक्ष्म लक्षण दिखा कर आपको जागरूक करती है, अगर सही समय पे इसपे ध्यान नहीं दिया गया तो ये आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। सूरज की रोशनी की उपस्थिति में विटामिन डी शरीर में संश्लेषित होता है।
विटामिन्स की कमी होना काफी आम है। बाहर कम समय बिताना इसके प्रमुख कारणों में से एक है। जो लोग स्वस्थ संतुलित आहार का सेवन नहीं करते हैं या ज्यादातर समय घर के अंदर रहते हैं उन्हें ही आमतौर पर इस का खतरा अधिक होता है।
निम्नलिखित विटामिन डी की कमी के लक्षणों के कुछ संकेत हैं जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
रोजाना टमाटर खाने के क्या फायदे होते हैं? ज़रूर पढ़ें
वॉटमीन डी की कमी के लक्षण
सबसे पहले लक्षणों में हड्डियों का पतला होना या हड्डियों का भंगुर होना शामिल है। यदि आप मांसपेशियों की कमजोरी या मांसपेशियों की ताकत में अस्पष्टीकृत परिवर्तन का अनुभव करते हैं तो आपका विटामिन डी स्तर कम हो सकता है। चिंता, अवसाद और मनोदशा में बदलाव इसके अन्य लक्षण होते हैं। इसकी कमी से बांझपन भी होने का खतरा हो सकता है।
धूप के संपर्क में आते ही कुछ लोग क्यों छींकना शुरू कर देते हैं? जाने इसके पीछे का तथ्य
इससे कैसे निपटें?
यदि आप उपरोक्त लक्षणों में से किसी का अनुभव करते हैं, तो अपने इसके स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण करवाएं। यदि कमी का निदान किया जाता है, तो आपको अपनी डाइट में अधिक अंडे, डेयरी उत्पाद और फैटी मछली को शामिल करें। हर दिन सूरज के नीचे कुछ समय बिताएं,जिससे आपको पर्याप्त विटामिन डी मिल सके। अपने चिकित्सक से उन उपायों के बारे में भी पूछें जो इसकी कमी को रोकने में आपकी मदद कर सकता हैं।
5 ऐसे सनस्क्रीन लोशन जो आपकी त्वचा को और निखारे- यहाँ जानिये उनके बारे
आप बच्चे हों या बड़े, अगर सही संतुलित आहार नहीं ले रहे हैं तो विटामिन डी की कमी किसी को भी हो सकती है। इनके लक्षणों को ध्यान में रखें, यदि कोई लक्षण आप में नज़र आ रहा है तो कृपया डॉक्टर से खून की जांच करवाएं।
देश और दुनिया की सभी लेटेस्ट न्यूज़ अब सिर्फ Youth Express पर




