हितेश पंत (नई दिल्ली)
भारत की एक और प्रतिभा ने दुनिया में अपनी काबिलियत का लौहा मनवाया है। दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों में प्रमुख पदों पर काम कर चुके निकेश अरोड़ा अब दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ बन गए हैं। पालो आल्टो नेटवर्क ने उन्हें अपना नया सीईओ नियुक्त किया है। यहां उनकी सालाना सैलरी 128 मिलियन डॉलर यानी 858 करोड़ रुपए होगी।
दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनियों को भारतीय मूल के लोग लीड कर रहे हैं। चाहे माइक्रोसॉफ्ट में सत्य नडेला हों या गूगल में सुंदर पिचई। अब एक और भारतीय ने दुनिया के टॉप एक्जेक्यूटिव की लिस्ट में अपना नाम शामिल कर लिया है। एपल कंपनी के सीईओ टिम कुक को पछाड़ते हुए निकेश अरोड़ा विश्व में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ बन गए हैं। साइबर सुरक्षा देने वाली कंपनी पालो आल्टो नेटवर्क ने उन्हें 128 मिलियन डॉलर सैलरी पर नियुक्त किया है।
निकेश अरोड़ा ने 6 जून को नई कंपनी में अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। निकेश का जन्म गाजियाबाद में हुआ है। उनके पिता वायुसेना में अधिकारी थे। निकेश ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज आईआईटी वाराणसी से 1989 में इलेक्टॉनिक्स में इंजीनियरिंग डिग्री ली। कुछ वक्त भारत में नौकरी करने के बाद वो मैनेजमेंट की पढ़ाई करने अमेरिका चले गए।
अमेरिका के बॉस्टन कॉलेज में उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान पैसे की तंगी के चलते उन्होंने कई जगह पार्ट टाइम जॉब किया। बर्गर बेचने वाली चैन बर्गर किंग में भी उन्हें नौकरी करनी पड़ी। इसके अलावा उन्होंने कुछ वक्त सेक्योरिटी गार्ड का भी काम किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद निकेश को 42,000 अमेरिकी डॉलर की नौकरी मिली। यहां से उनकी सक्सेस लाइफ शुरू हो गई।
साल 2004 में निकेश को गूगल में नौकरी मिली। यहां उन्होंने बेहतरीन परफोर्मेंस दी। 10 साल गूगल में रहते हुए उनका सालाना सैलरी पैकेज 345 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। गूगल के बाद निकेश ने सोफ्ट बैंक में बिजनेस हैड के तौर पर नई जॉब शुरू की। एक साल बाद ही वो सोफ्ट बैंक के सीईओ नियुक्त हो गए। इसके बाद जून 2018 में पालो आल्टो ने उन्हें सबसे ज्यादा सैलेरी वाली सीईओ नियुक्त किया है।