हितेश पंत (नई दिल्ली)
मेट्रो रेल दिल्लीवासियों की लाइफलाइन बन चुकी है। हर रोज के ट्रैफिक जाम और सड़कों के प्रदूषण से बचने के लिए लाखों लोग रोज मेट्रो से आना-जाना पसंद करते हैं। मेट्रो को अपनी आदत बना चुके लोगों को आने वाले दिनों में मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल दिल्ली मेट्रो का नॉन एक्जिक्यूटिव स्टाफ अपनी मांग पूरी न होने के चलते हड़ताल में जाने की तैयारी कर रहा है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का नॉन एक्जिक्यूटिव स्टाफ अपने प्रबंधन से नाराज चल रहा है। पुरानी मांगें पूरी न होने के कारण इन कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ये कर्मचारी बाहों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। यमुना बैंक, कुतुब मीनार, विश्वविद्यालय, जहांगीरपुरी, शाहदरा, द्वारका, बदरपुर स्टेशनों में ये प्रदर्शन करते हुए नारे भी लगा रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो के इन कर्मचारियों ने प्रबंधन को मांगें पूरी करने के लिए 29 जून तक का समय दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो 30 जून से वे लोग हड़ताल पर चले जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी और दिल्ली वालों के लिए आने जाने की बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी।
दिल्ली मेट्रो में करीब 9,000 नॉन एक्जिक्यूटिव स्टाफ है। इनमें स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, कस्टमर रिलेशन असिस्सटेंट, टेक्नीशियन और सपोर्टिंग स्टाफ शामिल है। मेट्रो रेल के संचालन की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं स्टाफ की होती है। ये लोग अगर काम बंद कर दें तो मेट्रो सेवा पूरी तरह से ठप हो जाएगी।
दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी पिछले कई समय से नए पे कमिशन की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ और मांगों को लेकर मेट्रो कर्मचारियों में गुस्सा है। पिछले साल जुलाई में भी कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी, लेकिन तब प्रबंधन ने बातचीत से मामला सुलझा लिया था। अब देखना होगा कि इस बार कैसे कर्मचारियों को मनाया जाता है।
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