पहले वनडे में अफगानिस्तान को हराने के बाद दूसरे वनडे मैच में भी वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान को हरा दिया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने 47 रनों से जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की टीम ने 9 विकेट पर 247 रनों का स्कोर खड़ा किया।
वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा 67 रन निकोलस पूरन ने बनाए। अपनी अर्धशतकीय पारी में पूरन ने 3 छक्के और 7 चौके लगाए.
। उनके अलावा एविन लुस ने भी 54 रनों की पारी खेली। शे होप ने 43 और शेमरॉन हेटमायर ने 34 रन बनाए।
अफ़ग़ानिस्तान टीम की पारी
जवाब में अफगानिस्तान की टीम मात्र 200 रनों पर ही सिमट गई। नजीबुल्लाह जादरान ने 56 और मोहम्मद नबी ने 32 रनों की पारी खेली। इनके अलावा किसी भी अफ़ग़ानिस्तान बल्लेबाज ने दम नहीं दिखाया। और पूरी पारी 200 रनों के कुल योग पर सिमट गई।
दूसरे मैच में ही सीरीज वेस्टइंडीज टीम के नाम
इस हार के साथ ही अफगानिस्तान की टीम ने वनडे सीरीज भी गंवा दी। आपको बता दें कि वेस्टइंडीज टीम पहले ही पहला मैच अपने नाम कर चुकी है
वेस्टइंडीज को मिली अच्छी शुरुआत
अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। वेस्टइंडीज की सलामी जोड़ी शाई होप और एविन लेविस ने टीम को ठोस शुरुआत दी।दोनों ने 24.4 ओवर में 98 रन जोड़े। अफगान कप्तान राशिद खान ने होप (43) को पगबाधा आउट करके इस जोड़ी को तोड़ा। अगले ही ओवर में वेस्टइंडीज को एक और झटका लगा, जब आफ स्पिनर जावेद अहमदी ने जमकर बल्लेबाजी कर रहे लेविस (54) को बोल्ड कर दिया।
निकोलस पूरन बने मैन ऑफ द मैच
67 रनों की बेहतरीन पारी खेलने वाले निकोलस पूरन को दूसरे वन डे मैच के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अपनी पारी में निकोलस पूरन ने 3 झक्को के साथ 7 शानदार चौके भी जड़े।
मैच के दौरान कीड़ों का हमला
इस मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों पर हमला भी हो गया। जी हां, दरअसल जैसे ही इस मैच में फ्लड लाइट्स खुली अचानक से हजारों कीड़े मैदान में आ गए। इस वजह से खेल को कुछ देर तक रोकना भी पड़ा। वेस्टइंडीज के खिलाड़ी कीड़ों के हमले से परेशान हो गए और उन्हें पैवेलियन से मास्क मंगाने पड़े। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने मास्क पहनकर फील्डिंग की।
सिर्फ कीड़े तक ही बात नहीं रुकी लखनऊ के प्रदूषण ने भी वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को परेशान किया। पिच के ऊपर स्मॉग की एक परत भी जमी हुई थी जो लखनऊ के ज्यादा प्रदूषण को साफतौर पर दर्शा रहा था।
