उन्नाव रेप केस एक बार फिर सुर्ख़ियों में बना हुआ है|आज हम आपको Unnao Rape Case मामले के बारे में पूरी जानकारी देंगे की आखिर 2017 से ले कर आज तक क्या क्या हुआ एक लड़की और उसके परिवार के साथ| इस घटना की शुरुवात होती है, जब एकबीजेपी विधायक कुलदीप सिंह एक लड़की का रपे करता है|
यह मामला एक बार फिर हैडलाइन बन गया है जब पीड़िता के चाची और मौसी की मौत हो गयी है| पीड़िता की गाड़ी और ट्रक की भिड़ंत में उसकी चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर और पीड़िता गंभीर रूप से घायल हैं| दरअसल, उन्नाव गैंगरेप पीड़िता जेल में बंद अपने चाचा से मिलने के लिए अपनी दो महिला रिश्तेदारों के साथ गाड़ी से जा रही थी| रास्ते में गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी| इस घटना के बाद बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एक बार फिर से चर्चा में है| चलिए बता दे क्या है ये पूरा मामला –
Unnao Rape Case के बारे में पूरी जानकारी
घटना की शुरुवात होती है साल 2017 में जब एक लड़की ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया| मामला मीडिया में आया तो पता चला कि जिस लड़की ने आत्मदाह का प्रयास किया है| वह उन्नाव की रहने वाली है और उसने विधायक पर रेप का आरोप लगाया है|
इसके बाद पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटे जाने का मामला सामने आया| आरोप था कि पुलिस के सामने विधायक के लोगों ने पीड़िता के पिता को पीटा. इस मामले में पीड़िता के पिता को ही जेल भी भेज दिया गया| दरअसल पुलिस ने उनकी बेटी के साथ रेप का मुकदमा नहीं लिखा था, इससे परेशान होकर वो कोर्ट की शरण में चले गए थे|
कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया था| आरोप है कि मुकदमा दर्ज किए जाने से नाराज विधायक के भाई ने अपने लोगों के साथ मिल कर पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा| पुलिस ने मारपीट के मामले में पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया|
जेल में उनकी तबीयत ख़राब हो गयी, और फिर अस्पताल भेजा गया जहा उनकी मौत हो गयी | पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि पिटाई के कारण उनकी आंतें फट गई थीं| इस बीच उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर सामने आए और खुद को निर्दोष बताया|
विधायक में लड़की की चाचा पर आरोप लगाया और कह कि प्रधानी के चुनाव के कारण वह (चाचा) उनसे रंजिश रखते हैं| इस सबके बीच विपक्ष योगी सरकार पर लगातार निशाना साध रहा था और एक के बाद एक बयान सामने आ रहे थे| साथ ही साथ सरकार की कानूव व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार घिरती हुई नजर आ रही थी|
ऐसे में मुख्यमंत्री जी ने बयान दिया की हम दोषी को छोड़ेंगे नहीं| मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश जारी कर दिए|इसके बाद विधायक के भाई अतुल सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया| इधर एसआईटी ने भी अपनी जांच शुरु कर दी थी लेकिन दूसरी ओर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर दिया था|
फिर सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच के लिए अप्रैल 2018 में याचिका दायर की गई| इसी दौरान विधायक की पत्नी ने अपने पति को बेगुनाह और पीड़ित परिवार को झूठा बताया| इस बीच Unnao Rape Case के पुरे मामले का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और जांच रिपोर्ट मांगी|
हाई कोर्ट ने पुलिस ससे जवाब माँगा की पोस्को लॉ के पॉक्सो एक्ट में एफआईआर के बाद भी अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई है| इन सुब के बिच पार्टी एक दूसरे पर बयान बाज़ी कर रही थी|
इसी के तुरंत बाद कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया| मई 2018 में उन पर जेल से गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगा| अगस्त 2018 में घटना के एक गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई जिसके बाद शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया|
वही 2019 में जेल में बंद आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर से मिलने के लिए बीजेपी नेता और सांसद साक्षी महाराज भी पहुंचे|
और अब रेप पीड़िता अपनी दो रिश्तेदारों, ड्राइवर के साथ अपने चाचा से मिलने जा रही थी जो जेल में बंद हैं| अचानक एक ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी| हादसे में महिलाओं की मौत हो गई जबकि ड्राईवर और पीड़िता की हालत बेहद गंभीर है| जिस ट्रक से ये हादसे हुआ उसे नंबर प्लेट पर काला पेंट किया हुआ था| जहा सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे|
इस Unnao Rape Case मामले पर डीजीपी यूपी ओपी सिंह का कहना है कि पीड़िता खुद ही सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ नहीं ले गई थीं| फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पीड़िता का इलाज जारी है|
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