हम ऐसे युग में रह रहे हैं जहाँ त्वचा की देखभाल करना उतना ही ज़रूरी है जितना हम खुद की देखभाल करते हैं । आज के ज़माने में चाहे वो लड़का हो या लड़की लोग अपनी देखभाल और अपने रंग को सुरक्षित रखने के लिए बहोत ऊर्जा और समय का निवेश करते हैं। हम सभी प्रयासों के बावजूद भी अपनी त्वचा की वो देखभाल नहीं कर पाते जिसकी वो हकदार होती है, मुहांसो का शिकार बन जाती है। इस समस्या को रोकने के लिए ब्रेक आउट के मूल कारण का पता लगाना कार्डिनल है। यह हार्मोन के स्तर में असंतुलन से लेकर पर्यावरणीय कारकों तक कुछ भी हो सकता है।
तो आज हम आपको यहां कुछ ऐसी आदतो के बारे में बताएंगे जिनके कम इस्तेमाल से आप मुहांसो को वास्तव में नियंत्रित कर सकते हैं जो बार-बार से ब्रेक आउट का कारण बनते हैं। उनमें से ज्यादातर कुछ आदतें ऐसी हैं जिसके बारे में शायद ही आपने कभी सोचा हो।
आइये जानते हैं उन कारणों के बारे में
फोन
हम अपने फोन को 24/7 इस्तेमाल करते हैं। हम दिन में एक गज़िलियन बार अपने फ़ोन को छूते हैं और आपकी उंगलियों से बैक्टीरिया और गंदगी आपकी स्क्रीन पर चिपक जाती है, जिसकी वजह से आपकी ठोड़ी, गाल और मुंह के आस-पास ब्रेकआउट हो सकते हैं।
हेयर प्रोडक्ट्स
आपके बालों के उत्पादों जैसे कि पोमेड्स और जैल में अधिकतर केमिकल होते है जो आपकी त्वचा पर इस्तेमाल के वक़्त टपक सकते है और रोम छिद्रों को बंद कर सकते है। यदि आपने अपनी हेयरलाइन, गर्दन और पीठ के पास ब्रेकआउट देखा है, तो समझ लीजिये की यही उसकी वजह हो सकते हैं।
मेकअप ब्रश
मेकअप ब्रश बैक्टीरिया और गंदगी को बहोत जल्दी अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। जब तक आप अपने मेकअप ब्रश को अच्छी तरह से साफ नहीं करते हैं, तो यह संभावना है कि वे आपके ब्रेकआउट में योगदान दे रहे हैं।
पिलो कवर
हम सभी अपने कपड़े धोने में अनंत रूप से आलसी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंदे तकिए से बालों के उत्पादों में मौजूद कीटाणु, तेल, पसीना और अवशेष निकल जाते हैं और तकिये के कवर से जा कर चिपक जाते हैं, जिससे हमें मुंहासे हो सकते हैं।
आपके हाथ
हम अपने हांथो को तो खुद से दूर नहीं रख सकते हैं, लेकिन हम में से अधिकांश लोग अपने चेहरे को बार बार छूतेहैं, जिसकी वजह से ठोड़ी और जॉलाइन के आस-पास ब्रेकआउट होने के खतरे बढ़ जाते हैं।
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