शादी में हर कोई दुल्हन को देखने की तमन्ना करता है। इस कारण दुल्हनों के लिए हर कोशिशें अपनाई जाती है कि उस दिन वह सब से ख़ूबसूरत लगे। अब इन कोशिशों में शादी के जोड़े की सजावट, ओवर ऑल लुक के लिए तरह तरह के एक्सपेरिमेंट और भी तमाम चीज़ों को शामिल किया जाता है। जब हम इंडियन ब्राइड्स की बात करते हैं तो वे अपने लुक को अलग और खास बनाने की कोशिश में सिर्फ़ लहंगे या गरारे ही नहीं उन पर हुए वर्क या एंब्रॉयडरीज़ पर भी ध्यान देती हैं। ऐसे में वह एक परफ़ेक्ट लुक की तालाश में होती हैं।
लहंगे, चोली, दुपट्टे में लेटेस्ट वर्क से लेकर पुरानी एंब्रॉयडरी को देखा जाता है। जिससे सिर्फ आउटफिट ही नहीं बल्कि ओवर ऑल लुक को भी ख़ूबसूरत बनाने में मदद मिलती है। तो आइए हम जानतें है उन तमाम एंब्रॉयडरीज़ के बारे में जो आपके लहंगे को सब से ख़ूबसूरत और अलग बना सकती हैं।
जरदोजी वर्क
अक्सर दुल्हनें शादी में ग्लैमरस लुक के लिए हाथों से बने जरदोजी लहंगे को पहनना पसंद करती हैं। सिल्क और वेलवेट फैब्रिक पर मेटल और ग्लिट्री जरी वर्क से सजा बुना ब्राइडल लहंगा खासतौर से रॉयल लोक के लिए जाना जाता है। आज कल ज़री ब्लाउज़ के साथ सिम्पल साड़ी को भी पेयर किया जा रहा है। इस काम से बने मोर, हाथी, फ्लावर और कमल के फूल ड्रेस को भारी लुक देते हैं।
फुलवारी काम
पंजाब के प्रसिद्ध फुलवारी वर्क की खासियत यह है कि कपड़ों पर दोनों तरफ से यह एक जैसा ही नज़र आता है। ब्राइट कलर्स पर तरह-तरह के रंगों वाले धागों से किए गए इस वर्क में मिरर और सितारे भी शामिल होते हैं जो उसे और भी ज़्यादा ख़ूबसूरत बनाते हैं।
गोटा पट्टी का काम
आज कल गोटा पट्टी वर्क वाले लहंगे और गरारे भी पसंद किए जा रहे हैं। यह एथनिक होने के साथ साथ इंडो-वेस्टर्न लुक के लिए भी बेस्ट माना जाता है। राजस्थान का ये खास काम मुग़ल दौर में दुल्हनों को काफी पसंद हुआ करता था। यह काम चोली, दुपट्टा के अलावा ज़ेवर और फुटवियर्स में भी देखा जा सकता है जो कि इन्हें ट्रेडिशनल लुक देता है।
चिकनकारी वर्क
कुर्ते, दुपट्टों और सलवार सूट में चिकनकारी वर्क एक अलग सा लुक देता है जो की अब दुल्हन के लहंगों को भारी बनाने में भी काम आता है। अलग-अलग, चटख रंगो के जॉर्जेट, कॉटन और शिफॉन फैब्रिक पर फ्लावर, एनिमल चिकनकारी वर्क वाले लहंगे और साड़ियों को दुल्हन के अलावा उनकी फ्रेंड्स या कजिन भी पहन सकती हैं।
क्रोशिया का काम
यह वर्क हर ज़माने में पसंद किया जाता है चाहे दादी-नानी का ज़माना हो या आज का, इस काम को स्टाइलिश और सिंपल दोनों ही मामलों में बेस्ट माना जाता है। लहंगे के साथ-साथ अब क्रोशिया बॉर्डर वाले ब्लाउज़ और दुपट्टों को भी कैरी किया जा रहा है। साड़ियों के आंचल में यह वर्क अपको परफ़ेक्ट लुक देगा।
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