इजरायल-यूएई शांति समझौते की मध्यस्थता करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नामांकन नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के लिए किया गया। बता दें कि यह पुरस्कार ट्रंप को नॉर्वे की संसद के सदस्य टायब्रिंग-गेजेड द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।
दुनियाभर में प्रचलित संघर्षों को सुलझाने की दिशा में ट्रंप के प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा, टायब्रिंग-गेजेडे द्वारा की गई। ऐसा पहली बार नहीं है कि उन्हें इस पुरस्कार के लिए पहली दफा नामांकित किया गया हो। साल 2018 में भी टायब्रिंग-गेजेड द्वारा उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने सिंगापुर शिखर सम्मेलन के बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नाम प्रस्तुत किया गया था लेकिन तब वह यह पुरस्कार जीते नहीं थे।
इन क्षेत्रों में ट्रंप की बताई गई ख़ास भूमिका
इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के लिए नामांकित करते हुए टायब्रिंग-गजेडे ने उनकी योग्यता के बारे में कहा कि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अधिकांश अन्य शांति पुरस्कार उम्मीदवारों की तुलना में विभिन्न राष्ट्रों के बीच शांति कायम करने की अधिक कोशिश की है।
साथ ही टायब्रिंग-गजेडे ने अन्य प्रचलित संघर्षों का उल्लेख करते हुए जैसे कि भारत और पाकिस्तान के दरमियान कश्मीर सीमा विवाद, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तना तनि और उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताओं से निपटने हेतु नई गतिशीलता लानें में ट्रंप की अहम भूमिका बताई।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, जैसा कि अपेक्षित है, अन्य मध्य पूर्वी देश भी संयुक्त अरब एमिरेट्स के नक्षेकदम पर चलेंगे। यह सखौता इज़रायल और यूएई के दरमियान एक गेम चेंजर के तरह साबित हो सकता है जो मध्य पूर्व को सहयोग और समृद्धि के क्षेत्र में तब्दील कर देगा।
जानिए ये खास बातें
नॉर्वे के इस संसद सदस्य के अनुसार मध्य पूर्व से बड़ी तादाद में सैनिकों को वापस लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्रशंसा की और कहा कि, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपतियों की युद्ध शुरू करने या अमेरिका को एक अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल करने की 39 वर्षीय परंपरा को तोड़ दिया है।
अपको बता दें कि नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के लिए कुल 318 उम्मीदवार थे जिनमें 211 व्यक्ति और 107 संगठन शामिल थे। हर साल यह नामांकन फरवरी और मार्च में चुने जाते हैं और अक्टूबर में विजेताओं की घोषणा की जाती है।
318 उम्मीदवार थे, जिनमें से 211 व्यक्ति और 107 संगठन थे. यह नामांकन हर साल फरवरी और मार्च में चुने जाते हैं और विजेताओं की घोषणा हर साल अक्टूबर माह में की जाती है। बता दें कि टायब्रिंग-गजेडे इस संसद के चौथी बार चुने गए सदस्य हैं जो नाटो संसदीय विधानसभा में नॉर्वे के प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष के तौर पर भी कार्यरत हैं।
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