सीलैंड, जो 27 लोगों की आबादी के साथ दुनिया में सब से छोटा मुल्क माना जाता है वहीं, एक और देश है जहां की आबादी सीलैंड से भी आधी है। टली के सार्डीनिया प्रांत के निकट स्थित एक छोटा सा द्वीप, ‘किंगडम ऑफ टवोलारा’ (Kingdom of Tavolara) को सब से छोटी बादशाहत कहा जाता है जहां की आबादी महज़ 11 है। यहां के राजा का नाम एंटोनियो बर्टोलियोनी है जो इस द्वीप में इकलौता रेस्टोरेंट चलाते हैं।
इस तरह इस द्वीप की कहानी की शुरुआत हुई
साल 1807 में इस द्वीप की कहानी शुरू होती है जब वर्तमान राजा एंटोनियो जिन्हें टोनियो के नाम से भी जाना जाता है उनके परदादा Giuseppe Bertoleoni ने इटली से भागते हुए के द्वीप में शरण ली थी।
यह द्वीप अपनी ख़ूबसूरती के लिए तो मशहूर है ही साथ यहां सुनहरे दातों वाली बकरियां पाए जाने के वजह से भी यह प्रसिद्ध है। लेकिन जहां सोना वहां डकैती है। सुनहरे दातों वाली बकरियों की चर्चा मशहूर होने पर शिकारियों की एंट्री होने लगी। तब शिकार में मदद करते हुए गुसेप के बेटे पाओलो अपने-आप को द्वीप का राजा बताते थे। धीरे-धीरे टवोलारा ने अलग बादशाहत कायम की। उस दौरान द्वीप पर कुल 33 लोग रहा करते थे और उन लोगों ने पाओलो को राजा घोषित कर दिया था। वहां, अब यहां की आबादी महज़ 11 है।
खुद को राजा मानते हुए पाओलो ने अपनी वसीयत में लिखा कि उनकी कब्र पर मुकुट लगाया जाए। इस राजा की खासियत यह थी कि इन्होंने अपने जीवन में कभी सर पर ताज नहीं पहना था लेकिन मृत्यु हो जाने पर इनकी कब्र पर मुकुट लगाया गया। अब इस द्वीप पर राजा एंटोनियो और उनके परिवार का राज है। ये लोग हर रोज़ इटली से द्वीप तक फेरी लगाते हैं जिससे कि उनके रेस्टोरेंट में ज़रूरी सामना लाया जा सके और सैलानियों का खानपान में मदद हो सके।
देखा जाए तो इस द्वीप पर रहने वाला यह शाही परिवार इटली से ताल्लुक रखते हैं लेकिन टवोलारा को अब तक इटली ने अपना हिस्सा नहीं माना है। इस वजह से राजा टोनियो इसे अपना ही साम्राज्य मानते हैं।
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