गर्मी के मौसम में बहुत से लोग ऐसे होते है जो कहीं ना कहीं ट्रिप पर जाने के लिए सोचते रहते है। तो आज हम बताने जा रहे है अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबंसरी जिले के बारें में। जो समुद्रतल से करीब 5 हजार 600 फीट की ऊंचाई पर स्थित जीरो घाटी दुनिया के कुछ उन मुट्ठीभर ठिकानों में से है। जहां आज भी प्रकृति और परंपराओं की जुगलबंदी देखने को मिलती है। तो आप भी यहां ट्रिप पर जाने का मन बना सकते है।
यहां निवास करती है ये जनजाति
साल में मनाते है तीन उत्सव
ट्रैकिंग के लिए ये जगह है बेस्ट
ज़ीरो वैली नामक जगह से सिर्फ 32 किमी का सफर तय करके आप इस सेंचुरी तक जा सकते हैं। क्यों कि यह हरे भरे नजारों से भरपूर, यह सेंचुरी फर्न, बांस, ऑर्किड, सिल्वर फ़िर और रोडोडेंड्रोन जैसे घने जंगलों से घिरा हुआ है। जो ट्रैकिंग के लिए बेस्ट माना जाता है।
यहां होता मछली पालन का काम
बता दें कि जीरो घाटी बहुत ही ऊंचाई पर स्थित है। फिर भी यहां मछली पालन का काम किया जाता है। वैसे जीरो वैली में फूलों की खेती और आर्किड्स के कुछ बहुत ही दुर्लभ जाति की खेती भी यहां होती है।
यहां जाना ना भूलें
यहां पर आकर आप लगभग आर्किड के 1000 प्रजातियों को देख सकते हैं। जो वाकई अद्भुत होता है। इस जगह को देखना बिल्कुल भी ना भूलें।
ये है घूमने का सही समय
क्या आपको ये पता है कि जीरो वैली का मौसम पूरे साल ही घूमने के लिए परफेक्ट होता है। आप यहां का प्लान गर्मियों से लेकर मानसून और सर्दियों में भी बना सकते हैं लेकिन अक्टूबर से अप्रैल का मौसम सबसे बेस्ट माना जाता है। दिसंबर से जनवरी वैली में बहुत ज्यादा सर्दी पड़ती है।
इतना रहता है तापमान
हालांकि, अप्रैल माह से लेकर जून माह में यहां का तापमान 6 से 20 डिग्री तक रहता है। जिसमें आप नॉर्मल कपड़ों में यहां घूमने-फिरने का आनंद ले सकते हैं।
करना पड़ सकता है बाढ़ का सामना
जानकारी के लिए बता दें कि मानसून में यहां का तापमान 2 से 19 डिग्री के बीच रहता है लेकिन जीरो वैली तक पहुंचने के रास्ते में कई जगहों पर बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। जिस वजह से इस दौरान यात्रा करने से थोड़ा बचे।