साड़ी किसी भी मौके में आकर्षक रूप देने वाला भारतीय परिधान है। ये होता तो 6 मीटर का टुकड़ा ही है, लेकिन इसको पहनने का तरीका इसे अन्य से बेहतर और अलग बनाती है। भारत में जितने राज्य हैं, जितने प्रकार के पारम्परिक भोजन हैं, उतने ही प्रकार के साड़ी बाँधने के तरीके। इस 6 मीटर के टुकड़े को कितने तरीकों से बाँधा जा सकता है आज हम ये जानेन्गे –
- पारम्परिक कार्यक्रमों व अवसरों में अधिकतर उस राज्य या क्षेत्र के पारम्परिक तरीके का इस्तेमाल किया जाता है। बंगाली, मराठी व गुजराती इनमें अधिक लोकप्रिय है। बंगाली साड़ी हल्की होने के कारण सम्भालने में भी आसान होती है।
- अगर आप स्टाइलिश दिखना चाहती हैं। और आपका फिगर भी कर्व शेप में है तो आप पतले पल्ले के साथ साड़ी को नाभी के नीचे से बान्धिये। इसमें आप न सिर्फ स्टाइलिश लगेन्गी बल्कि आपका कर्व शेप भी आकर्षक लगेगा। शिफोन और सिल्क की साड़ी में ये आसानी से बन जाता है।
- अगर आपका पल्ला अधिक वर्क वाला है या अधिक कढ़ाई वाला है तो आप राजरानी तरीके से साड़ी बाँध सकती हैं। इसमें पल्ला प्लेट बनाकर आगे की तरफ़ रखा जाता है। इसके बाद आप चाहें तो पल्ले के बायें किनारे को पीछे पिन अप कर सकती हैं। और चाहें तो बिना पिन अप के भी छोड़ सकती हैं।
- चाहे औपचारिक कार्यक्रम में जाना हो चाहे स्टाइलिश दिखना हो। सिम्पल बन कर भी आप आकर्षक ही दिखेन्गी। सदाबहार तरीके में बस आपको खुला पल्ला एक पिन के सहारे छोड़ देना है। इसकी खासियत यह है की एक तो प्लेट बनाने से बच जायेन्गी और दूसरा पल्ला वर्क वाला हो या सिम्पल, साड़ी सिम्पल हो या हेवी ये तरीका सदाबहार है।
- किसी पार्टी में एक दम अलग दिखना चाहती हैं तो इस तरीके को ज़रूर अपनाइये। इसमें पल्ले को दाहिने तरफ़ से लाते हुए बाएँ हाथ के अंदर से पीछे की ओर ले जाना है। पीछे ले जाने के बाद आप दाहिने हाथ में दुपट्टे की तरह पकड़ना है। ध्यान रहे की नीचे से साड़ी कसी हुई बँधी हो। और पल्ला अधिक हो। इसके लिए आपकी साड़ी बड़ी होनी चाहिये और पल्ला वर्क वाला।



