शिशुओं में डायपर रैशेस के इलाज के लिए प्रभावी घरेलू उपचार-यहाँ देखें

शिशुओं

डायपर के बारे में तो सब ही जानते होंगे क्युकी डाइपर एक ऐसी चीज़ है जिसने नयी माओं के लिए बहोत आसानी कर दी है। पहले ज़माने में शिशुओं और बच्चो को जननांग पे कपडा बांधना बहोत आम था, जिसकी वजह से माँ और बच्चो दोनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। और आजकल तो पैदा हुए शिशुओं से लेकर ६-७ साल के बच्चो तक डायपर आम चीज़ बन चूका है। लेकिन जिस तरह से हम डायपर का इस्तेमाल हर वक़्त बच्चो को पहना कर करते हैं, इससे कई बच्चो को चकत्ते यानी रैशेस का खतरा बढ़ जाता है।

गंदे या नम डायपर इसके सामान्य कारण हैं। यदि इन रशेस को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है तो शिशुओं में बैक्टीरियल इन्फेक्शनहो सकता है। लंबे समय तक मल के संपर्क में रहने से भी बच्चे की त्वचा में जलन हो सकती है। यीस्ट और बक्टेरिल इन्फेक्शन के कारण डायपर से जो रैशेस हो जाते हैं , उसके लिए यहाँ पे कुछ घरेलु उपाय दिए गए हैं।

आइये देखते हैं क्या हैं वो घरेलु उपचार

घर की बनी हुई रैशेस क्रीम

बाजार में डायपर रैश क्रीम बहोत बिकती है परन्तु कभी कभी उनसे बच्चो को रशेस आराम नहीं मिलता। लेकिन अगर आप घर पर ही रैशेस क्रीम बनाना चाहती हैं तो आप घर पर ही सरल सामग्री का उपयोग करके रैशेस क्रीम बना सकती हैं।

इसे कैसे बनाएं: 1 कप नारियल का तेल, 1 कप जैतून का तेल, 8 बूंद लैवेंडर आवश्यक तेल, 6 बूंदें नींबू का आवश्यक तेल और 4 बूंदें टी ट्री एसेंशियल ऑयल लें। उन सभी को एक साथ मिलाएं और अपने रेफ्रिजरेटर में रख दें। हर बार जब आप अपने बच्चे का डायपर बदले तो उसे लगाना न भूलें।

एपल साइडर सिरका

एपल साइडर सिरका कवक और यीस्ट इन्फेक्शन पर प्रभावी ढंग से काम करता है। यह डायपर रैशस से जल्दी छुटकारा पाने में आपकी बहोत मदद करता है।
उपयोग कैसे करें: एक कप पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और डायपर को बदलने के बाद अपने बच्चे के तल को हर बार इससे धोएं।

जैतून का तेल

अपने एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण, जैतून का तेल चकत्ते से छुटकारा पाने में मदद करता है। अपने बच्चे केरैशेस वाले एरिया पे जैतून के तेल की कुछ बूँदें रगड़ने से खुजली वाली त्वचा से बच्चो को काफी राहत मिलती है।

नारियल का तेल

नारियल का तेल आमतौर पर हर घर में पाया जाता है और डायपर चकत्ते पर बहुत प्रभावी रूप से काम भी करता है। ये तेल हाइड्रेटिंग और एक सुरक्षात्मक परत के रूप में कार्य करता है। एक अध्ययन ने इस बात की पुष्टि की हैं कि नारियल के तेल में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो यीस्ट इन्फेक्शन पर उत्कृष्ट तरीके से काम करते है।

देश और दुनिया की सभी लेटेस्ट न्यूज़ अब सिर्फ Youth Express पर

Summary
शिशुओं में डायपर रैशेस के इलाज के लिए प्रभावी घरेलू उपचार-यहाँ देखें
Article Name
शिशुओं में डायपर रैशेस के इलाज के लिए प्रभावी घरेलू उपचार-यहाँ देखें
Description
लेकिन जिस तरह से हम डायपर का इस्तेमाल हर वक़्त बच्चो को पहना कर करते हैं, इससे कई बच्चो को चकत्ते यानी रैशेस का खतरा बढ़ जाता है गंदे या नम डायपर इसके सामान्य कारण हैं। यदि इन रशेस को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है तो शिशुओं में बैक्टीरियल इन्फेक्शनहो सकता है।
Author
Publisher Name
Youth Express
Publisher Logo

Fiza Mirza

An Author, Writer.

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

IND vs SA Head To Head in T20’S IPL 2022: STAT TRACKER