हाल ही में जारी की गई ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट 2020 के अनुसार भारत में अभी भी भूखमरी का कब्जा बरकरार है। 27.2 स्कोर के साथ अपने देश में अभी भी भूख के मामले में गंभीर स्थिति बनी हुई है। अपको बता दें कि इस रिपोर्ट के अनुसार 107 देशों के लिए की गई रैंकिंग में भारत 94वें स्थान पर खड़ा है।
देश में कुपोषित बच्चों के अनुपात, पांच साल से कम आयु के बच्चे जिनका वज़न या लंबाई उनकी उम्र के हिसाब से काम और पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों के मृत्यु दर के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की जाती है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 में कुल 107 देशों को शामिल किया गया है जिसमें भारत ने 94वां स्थान प्राप्त किया है।
पड़ोसी देशों से पीछे है भारत
अपने कई सारे पड़ोसी देशों से भी भारत पीछे चल रहा है। इन देशों में नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं। हालांकि इस बार की रिपोर्ट के अनुसार भारत की रैंकिंग में सुधार आया है लेकिन फिर भी इस रेस में अपना देश काफी पीछे है।
आइए अब जानते हैं उन देशों के बारे में को भारत से पीछे हैं
इस रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 13 देश ऐसे हैं जो हंगर इंडेक्स में भारत से पीछे चल रहे हैं। इन देशों में रवांडा (97), नाइजीरिया (98), अफगानिस्तान (99), लीबिया (102), मोजाम्बिक (103), चाड (107) शामिल हैं।
अपको बताएं कि करीब 14% जनसंख्या भारत में कुपोषण की शिकार है। यहां बच्चों में कुपोषण की स्थिति काफी गंभीर है। पिछले वर्ष की बात करें तो 2015 में भारत 93वें, 2016 में 97वें, 2017 में 100वें, 2018 में 103वें और 2019 में 102वें स्थान पर था। इस बार की रिपोर्ट में देश की रैंकिंग में फिर भी सुधार आया है लेकिन भूखमरी का संकट तो बरक़रार है ही।
ग्लोबल हंगर इंडेक्स के बारे में जानें
विश्व के विभिन्न देशों में खानपान की स्थिति की विस्तृत जानकारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स में मौजूद होती है। इस इंडेक्स से यह मालूम किया जाता है कि किस तरह का खाद्य पदार्थ लोगों को प्राप्त हो रहा है तथा उसकी गुणवत्ता और मात्रा कितनी है और उसमें कमियां क्या हैं।
हर वर्ष अक्टूबर के महीने में जारी की जाने वाली यह रिपोर्ट इंटरनेशनल फ़ूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा पहली बार 2006 में शुरू हुई थी। इसे वेल्ट हंगरलाइफ नाम के एक जर्मन संस्था ने वर्ष 2006 में पहली दफा जारी किया था।
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