इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम छह साल में पहली बार प्लेऑफ में जगह बनने के करीब है और इस पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि उनकी टीम हर मैच को ‘करो या मरो’ की भावना के साथ खेल रही है जिसका टीम को फायदा भी मिला है। इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र के शुरू होने से पूर्व ही दिल्ली डेयरडेविल्स का नाम बदलकर दिल्ली कैपिटल्स कर दिया गया था, जिससे उनकी किस्मत एकदम बदल गयी और टीम 11 मैचों में 7 जीत कर 14 अंक के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर है। आज दिल्ली कैपिटल्स और रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मैच होना है, दोनों टीमों के बीच इस सत्र के पिछले मुकाबले में बेंगलुरू ने पांच विकेट से जीत हासिल की थी।
इस सीजन हुए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मैच से पहले श्रेयस अय्यर ने कहा था कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि हम लोग इतना अच्छा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी टीम मैच में छुपे रूस्तम की तरह मैदान पर उतरती है जिससे हमें मदद मिलती है। रिकी पोंटिंग का कहना भी यही है कि छुपा रूस्तम होकर हर कोई खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है। दिल्ली अब प्लेऑफ से बस एक कदम दूर है लेकिन अय्यर दो या तीनों मैचों को जीतना चाहते है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर का मानना है कि अभी काम पूरा नहीं हुआ है। श्रेयस अय्यर ने कहा कि तकनीकी तौर पर देखें तो हमें शेष तीन मैचों में से प्लेऑफ में जाने के लिए केवल एक मैच जीतने की जरूरत है लेकिन हम दो मैच जीतना चाहेंगे ताकि किसी तरह की कोई गड़बड़ की संभावना न रहे।
रिपोर्टरों के पूछने पर श्रेयस अय्यर ने घर में खेलने के दबाव के बारे में कहा कि निश्चित तौर से दबाव तो रहता ही है और हम पहले भी ऐसी स्थिति में रह चुके हैं। बेंगलुरू के लिए यह मैच करो या मरो का मुकाबला है जबकि हमारे लिए हर मैच करो या मरो वाला होता है। श्रेयस अय्यर ने दिल्ली की धीमी विकेट को लेकर कहा कि हम फिरोजशाह कोटला मैदान में पिछले दो दिन से अभ्यास कर रहे हैं और अब हम पिच को लेकर अवगत हैं। उन्होने यह भी कहा कि चेन्नई की और यहां की पिच एकसमान है।
विश्व कप निकट होने के कारण कई विदेशी खिलाड़ी विश्व कप की तैयारी के लिए अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के साथ जुड़ने के लिए स्वदेश लौट रहे है। इस कड़ी में दिल्ली के तेज गेंदबाज और इस सीजन में अबतक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले कगिसो रबाडा भी उनमें से एक हैं।

