प्रकृति की गोद में बसे हिमाचल प्रदेश की ख़ूबसूरती अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग है। यहां प्रकृति की ऐसी नेमतें बस्ती हैं जो विदेश में भी नहीं पाई जाती है। इस प्रदेश में मिनी स्विट्जरलैंड, छोटी काशी, मिनी ल्हासा जैसे कई शहर बसे हैं। इस कारण यह देश के सर्वश्रेष्ठ पयर्टन स्थलों में जाना जाता है। हर ऋतु में हिमाचल की वादियों की सैर करने लाखों की तादाद में पयर्टक पधारते हैं।
यहां ऐसे कई स्थान हैं जहां हर मौसम में घूमने की अलग ही अनुभूति होती है। धार्मिक पयर्टन के साथ यहां साहसिक खेलों के ज़रिए भी प्रकृति को निहारने का अवसर प्राप्त होता है।
आइए हिमाचल की वादियों की सैर करते हुए यहां के इन पयर्टन स्थलों के बारे में जानते हैं।
शिमला
राजधानी शिमला हमेशा से ही सब से लोकप्रिय हिल स्टेशन में जाना जाता है। इस शहर कि प्राकृतिक सुंदरता और मनमोहक वातावरण किसी को भी दुबारा यहां आने के लिए मजबूर कर सकता है। प्रसिद्ध टॉय ट्रेन कालका और शिमला के बीच चलती है। इस 96 किलोमीटर की दूरी को तय करने में इस ट्रेन को लगभग साढ़े पांच घंटे का वक्त लगता है।
मालरोड और रिज की सैर
अंग्रेजों की हुकूमत पर जहां मालरोड और रिज में घूमने पर रोक थी आज वहां स्वतंत्रता से लोग इस जगह पर सैर कर अपने मन को सुकून पहुंचाते हैं। यहां से शिमला के प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ़ उठाने में अलग ही मज़ा है। यहां की सैर के साथ ऐतिहासिक गेयटी थिएटर को देखना अवसर मिलता है। रिज से मात्र 200 मीटर नीचे जाने पर सर्दियों में प्राकृतिक ब्रफ पर स्केटिंग का आनंद लिया जाता है।
कुफरी
शिमला से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुफरी एक ऐसी जगह है जो पयर्टकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यह स्थल प्रकृति प्रेमियों और साहसिक खेलों के शौकीन लोगों के लिए जानी जाती है। हर मौसम में यहां पयर्टकों की भीड़ जमा होती है।
कुल्लू मनाली
देवताओं की घाटी कहलाने वाली कुल्लू घाटी, बसंत ऋतु के मौसम में बेहद पसंद की जाती है। सर्दियों में यहां की चोटियां बर्फीली चादर से ढकी होती हैं। यहां के द ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में भूरे भालू, हिम तेंदुए, बाघ और विभिन्न प्रकार के हिमालयी पक्षियों को देखा जाता है। वैसे तो हर मौसम यहां लोग सैर करने आते हैं लेकिन सर्दियों में बर्फीली चोटियों के बीच रहने का अनुभव ही अलग होता है।
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