हमेशा विवादों में रहने वाले पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने दानिश कनेरिया के मामले में बयान दिया है। जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान का बचाव करते हुए बोला है कि अगर पाकिस्तान का अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण रवैया होता तो दानिश कनेरिया देश के लिए नहीं खेल पाते। जावेद मियांदाद ने यह टिप्पणी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के उस खुलासे के बाद की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ इसलिए भोजन नहीं करते थे क्योंकि वह हिंदू हैं। आपको बता दें कि भारत में मौजूदा समय में नागरिकता के मसले पर विवाद मचा हुआ है। ऐसे समय में शोएब अख्तर का यह बयान काफी मायने रखता है। जिससे पूरे क्रिकेट जगत में बवाल मचा दिया है।
पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद का बयान
इसी क्रम में पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट कप्तान जावेद मियांदाद अपने देश का बचाव करते हुए दिख रहे हैं। मियांदाद ने कहा, ‘पाकिस्तान ने उसे इतना कुछ दिया और वह 10 साल तक टेस्ट क्रिकेट खेला। अगर धर्म कोई मुद्दा होता तो क्या यह संभव हो पाता? पाकिस्तान क्रिकेट में हमने कभी धर्म को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया नहीं अपनाया।’
क्या कहा था दानिश कनेरिया ने
पाकिस्तान के प्रतिबंधित टेस्ट लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने शुक्रवार को कहा कि जब वह खेला करते थे तब कुछ खिलाड़ी थे, जो हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाते थे। लेकिन उन्होंने कभी धर्म बदलने की जरूरत या दबाव महसूस नहीं किया।
स्पॉट फिक्सिंग के लिए आजीवन प्रतिबंध झेल रहा यह लेग स्पिनर शोएब अख्तर के उस बयान के बाद चर्चा में आया है, जिसमें इस तेज गेंदबाज ने आरोप लगाया था कि कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी धर्म के कारण कनेरिया के साथ भोजन करने से भी इन्कार कर देते थे।
बयान के मायने
हमेशा से विवादों में रहा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। और पाकिस्तानी खिलाडियों द्वारा दिया गया यह बयान राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है। हाल के समय में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। और यह ताजा मामला कितना आग में घी का कार्य करता है यह तो समय ही बताएगा।
