
लेग स्पिनर यजुवेंद्र का बयान
चहल ने एक बातचीत में कहा, ‘मेरे आदर्श शेन वॉर्न हैं और मुझे उनका ऐटिट्यूड बेहद पसंद है। जब वह बोलिंग करते थे तो किसी भी बैट्समैन से डरते नहीं थे। उनका कॉन्फिडेंस मुझे काफी अच्छा लगता था। किसी भी पिच पर गेंद टर्न कराने की उनकी क्षमता का भी मैं कायल हूं। मैं अपनी बोलिंग में उनकी तरह की ही निर्भीकता जोड़ना चाहता हूं।’
‘जूटर’ के लिए नहीं प्रयासरत है
महान स्पिनर गेंदबाज शेन वॉर्न अपनी एक खास तरह की गेंद जूटर के लिए मशहूर थे। तो क्या चहल अपने आदर्श की वह गेंद अपने अस्त्रों में जोड़ना चाहते हैं? चहल कहते हैं, ‘मैंने एक बार जूटर डालने की कोशिश की थी लेकिन उसमें सफल नहीं हो सका। मैं अपनी चार डिलिवरीज से ही खुश हैं और इन्हीं पर लगातार काम करता हूं। इनको और भी बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं। गुगली, लेग ब्रेक, फ्लिपर और टॉप स्पिन पर ही मेरा सारा ध्यान होता है। मुझे फिलहाल जूटर की जरूरत नहीं।’
आईए जानते हैं क्या होता है जूटर
जूटर पर शेन वॉर्न को महारथ हासिल थी। यह ऐसी गेंद होती है जिसमें बहुत कम या बिलकुल ही स्पिन नहीं होता। गेंदबाज (विशेषकर लेग स्पिनर) के ऐक्शन में कोई खास बदलाव नहीं नजर आता। इस गेंद के पीछे आइडिया बल्लेबाज को सिम्पलिसिटी से कन्फ्यूज करना होता है। बल्लेबाज गेंद को टर्न के लिए खेलता है और गेंद सीधी निकल जाती है।