हर घर के आंगन को सजाने में सक्षम गेंदे के फूलों की चाह तो हर इंसान को होती है। लेकिन गेंदे के फूलों की खेती किस तरह किसानों की ज़िन्दगी महका रही है ये भी जानना ज़रूरी है। आज हम आपको बताने वाले हैं फूलों की खेती के कुछ अनोखे राज़ जिससे किसानों की ज़िन्दगी गुलज़ार है।
आज जहां लोग दर दर रोज़ी के लिए भटक रहे हैं वहीं छत्तीसगढ के मैनपुर गांव की चार आदिवासी महिलाएं गेंदा फूल की खेती कर घर चला रही हैं। वह चारो महिलाओं के नाम हैं, पद्मिनी, लच्छिनी, श्यामवती, रेखा। वह पांच एकड़ में गेंदे के फूल की खेती कर एक-एक एकड़ से अस्सी-अस्सी हजार रुपए की कमाई कर रही हैं। बता दें कि, कुछ ही वर्ष पहले वे एक दिन अपने गांव के माता मंदिर के पुजारी जयमन से मिलीं तो उन्हें पुष्प की खेती की सीख मिल गई।
कमाई में बढ़ोतरी
वह महिलाएं आसपास के अलावा अपने उगाए फूल दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कांकेर तक बेंच रही हैं। उनको देख कर गांव और आसपास के कई और लोग इसकी खेती को अपना चुके हैं। उद्यानिकी विभाग ऐसे होनहारों को समय समय पर प्रशिक्षित भी करने लगा।
इसी तरह से बहराइच (उ.प्र.) जिले में गांव मिहीपुरवा के सोमवर्धन पांडेय ने कुछ साल पहले अपने दो बीघे खेत में रजनीगंधा की खेती शुरू कर दी। फिर कदम पीछे खींच लिया। मन तो फूलो की खेती बसा था सो अचानक एक दिन ग्लैडियोलस की खेती में जुट गए। तीन बीघे से शुरुआत की थी, आज 28 बीघे में इसकी खेती कर रहे हैं।
और तो और अब वह लगभग पंद्रह बीघे में गेंदे की भी खेती करने लगे हैं। अब उनकी प्रति एकड़ लाखों तक की कमाई हो रही है। इस कामयाबी के लिए उन्हें जिला उद्यान विभाग ने सम्मानित भी किया है।
इन किसानों की भूमि फूलों से गुलज़ार
इसी गांव के जयवर्धन और हर्षवर्धन भी इस खेती से जी तोड़ कमाई कर रहे हैं। इनकी कामयाबी से उत्साहित होकर सिसई हैदर के पप्पू खां, जब्दी के रामअवतार, गजपतिपुर की प्रमिला, टेंडवा बसंतपुर के सौरभ चंद्र, चांदपारा के जनार्दन आदि भी बड़े पैमाने पर गेंदे की खेती करने लगे हैं तो गजपतिपुर के सनेही, बहादुर, टेंडवा बसंतपुर के सरदार पंजाब सिंह आदि अपने खेतों में ग्लैडियोलस की किसानी कर अपनी तकदीर खुद बदल रहे हैं।
दीपावली तक कमाई दोगुनी
फ्लोरिकल्चर विभाग, जम्मू के फील्ड असिस्टेंट परमदीप सिंह का कहना है कि, किसान गेंदे के फूल की खेती से एक साल में चार फसलें लेकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। उन्नत बीजों वाले गेंदे बारहो मास खेती की जा सकती है। हाईब्रीड गेंदा जनवरी में लगाकर तीन महीने के अंदर मार्च से इससे कमाई होने लगती है, जिसका सिलसिला जून तक चलता रहता है। उसके बाद जुलाई में बरसाती देसी गेंदे की खेती शुरू की जा सकती है। यह गेंदा दीपावली तक अच्छी कमाई देने लगता है। उसके तुरंत बाद जनवरी तक छोटे गेंदे, गुट्टी के फूल की खेती शुरू की जा सकती है।
छोले खाने से होते हैं बहुत सारे स्वास्थ लाभ- ज़रूर पढ़ें
अन्य फैक्ट्स जानें सिर्फ यूथ एक्सप्रेस पर
