भारत में अधिकतर हर दिन किसी न किसी चीज से जुड़ा होता है. कभी फादर्स डे, कभी मदर्स डे, कभी चिल्ड्रेन्स डे तो कभी टीचर्स डे.. जिस का दिन, उन्ही को समर्पित. इस दिन हमारे जीवन में उनकी महत्वता पर प्रकाश डाला डाला जाता है. ऐसे ही आज अभियंता दिवस है, अंग्रेजी में कहें तो इंजीनियर्स डे. जी हाँ, वही इंजीनियर जिनका हमारे जीवन में एक बड़ा योगदान है… वर्तमान में भी है और भूतकाल में भी था और भविष्य में भी रहेगा, हम ये भी कह सकते हैं भविष्य में तो और बढ़ जाएगा. आज हम अपने आसपास जो कुछ भी देख पा रहे हैं, अधिकतर जगह इंजीनियर्स का ही योगदान है . चाहे गगनचुम्बी इमारतें हों या सड़क पर चमचमाती गाड़ियां, चाहे बड़ी से बड़ी समस्या को पल भर में हल करने वाला कंप्यूटर हो या पल भर में हजारों मील दूर बैठे व्यक्ति से बात करवाने वाला सयंत्र मोबाइल, सबके पीछे इंजीनियर्स की ही कारगुजारी है. जब बात इंजीनियर्स की हो रही है तो हमारे दिल में इंजीनियर्स डे के साथ इंजीनियर्स के बारे में जानने की इच्छा पैदा होती है. तो आज इस लेख में हम आपको बताते हैं इंजीनियर्स और इंजीनियर्स डे के बारे में……
जानिए क्यों मनाया जाता है ‘इंजीनियर्स डे’
भारत में इंजीनियर्स डे मानाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है भारत के महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिन. आज ही के दिन सन 1861 में मैसूर में उनका जन्म हुआ था जो अब कर्नाटक में है. बाकी इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करना है. ज्यादा से ज्यादा छात्र इस क्षेत्र में आएंगे देश की तकनीक विकसित होगी. आज भी हमारे देश की तकनीक उन्नत तकनीकों में शामिल है. इसके लिए बहुत सी कार्यशालाएं और सेमीअर आयोजित करवाए जाते हैं. स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग की महत्वता बताई जाती है. बताया जाता है कि इस देश इंजीनियरिंग का क्या महत्त्व है.
Engineers are synonymous with diligence and determination. Human progress would be incomplete without their innovative zeal. Greetings on #EngineersDay and best wishes to all hardworking engineers. Tributes to the exemplary engineer Sir M. Visvesvaraya on his birth anniversary.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 15, 2019
कौन थे विश्वेश्वरैया?
भारत रत्न विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजीनियर थे, भारत को आधुनिक बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान था. उनका पूरा नाम मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया था. उनका जन्म कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के मुद्देनाहल्ली गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीनिवास शास्त्री और माता का नाम वेंकाचम्मा था। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशेष योगदान देने के लिए 1955 में उन्हें ‘भारत रत्न’ दिया गया था. उनके अच्छे काम को सराहते हुए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ‘द आर्डर ऑफ़ द इंडियन अम्पायर’ अवार्ड से सम्मानित किया था. भारत के अंदर पेयजल, सिंचाई, बांध , नहर आदि डिजाइन करने में उनका विशेष योगदान रहा था. चीफ इंजीनियर के तौर पर कर्नाटक का कृष्णा सागर बांध का निर्माण उनकी विशेष उपलब्धियों में शामिल है.
Tributes to a noted visionary, Bharat Ratna Sir M Visvesvaraya ji on his birth anniversary.
On Engineers’ Day, I salute our hard working and talented engineers for their vital role in nation’s development. Their innovation & enterprise is something that is recognised world over.
— Amit Shah (@AmitShah) September 15, 2019
कैसा था विश्वेश्वरैया का जीवन?
कहा जाता है कि उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावी था. सदैव साफ़ सुथरे कपडे पहनने के साथ ही सदैव शाकाहारी भोजन किया करते थे. अपने काम के प्रति पूरे तरीके से समर्पित रहते थे और समय के बहुत पाबंद थे. कहीं भी जब उनका भाषण होता था तो पहले उसे लिखते थे उसके बाद उसका कई बार अभ्यास भी करते थे. वो न सिर्फ एक इंजीनियर थे बल्कि एक अर्थशास्त्री भी थे. विश्वेश्वरैया को मॉडर्न मैसूर स्टेट का पिता कहा जाता था. इन्होने जब मैसूर सरकार के साथ काम किया, तब उन्होंने वहां मैसूर साबुन फैक्ट्री, परजीवी प्रयोगशाला, मैसूर आयरन एंड स्टील फैक्ट्री, श्री जयचमराजेंद्र पॉलिटेक्निक संस्थान, बैंगलोर एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर, सेंचुरी क्लब, मैसूर चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एवं यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग की स्थापना करवाई. इसके साथ ही और भी अन्य शैक्षिणक संस्थान एवं फैक्ट्री की भी स्थापना की गई. विश्वेश्वरैया ने तिरुमला और तिरुपति के बीच सड़क निर्माण के लिए योजना को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
Tributes to one of India’s foremost engineers Bharat Ratna M. Visvesvaraya on his birth anniversary. His contribution is a great source of inspiration for all.
Also, greetings to all the hardworking engineers on #EngineersDay. Your role in nation building is indispensable. pic.twitter.com/z1WkcK3DV7
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) September 15, 2019
आज भारत जैसे देश में इतने महान अभियंता का जन्मदिन इंजीनियर्स डे के रूप में मनाना इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है इस देश से हर साल लगभग २० लाख इंजीनियर्स निकलते हैं. अपने देश को तकनीकी तौर पर कैसे विकसित किया जा सकता है, इस पर विचार करना और उस पर अमल करना, यह दिन उन नवांगन्तुक इंजीनियर्स को ऐसी प्रेरणा देता है.