बैचनी असहजता, भय और असुरक्षा की वो भावना होती है जब वास्तव में डरने की कोई भी बात नहीं होती है। डर सामान्य रूप से खतरे के बाद गायब हो जाता है, लेकिन चिंता या बेचैनी या बेचैनी बिना किसी स्पष्ट खतरे के बनी रहती है। डर या चिंता एक सामान्य भावना है, जो अनुकूली व्यवहार के लिए अग्रणी है। लेकिन जब बिना किसी खतरे की डर पैदा होंमे वाली स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह शरीर को नुकसान पहुँचाने लगती है। इसलिए बेचैनी के लक्षण और इसका इलाज जितना जल्दी शुरू हो जाए तो ही आपके स्वस्थ के लिए बेहतर होगा।
चिंता अगर आपको लंबे समय तक होने लगी है तो शरीर के लिए तनावपूर्ण हो सकती है, जो लगातार होने पर चिकित्सा समस्याओं की ओर आपको ले जाती है और सामान्य दैनिक गतिविधियों में हस्तक्षेप भी करने लगती है।
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नीचे पढ़िए क्या हैं बेचैनी के लक्षण और इसका इलाज
बेचैनी के लक्षण
लक्षणों में निस्तब्धता, पसीना आना, सांस की तकलीफ होना, तेजी से सांस लेना या दम घुटने की भावना शामिल है। इसमें आपको ये कई लक्षण भी दिख सजते हैं जैसे कपकपी लगना, बार-बार पेशाब आना, मुंह सूखना, मतली, उल्टी, दस्त या कब्ज होना। तनाव, आराम करने में असमर्थता, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, नींद न आना या यौन कठिनाइयाँ जैसे लक्षण भी आपको नज़र आ सकते हैं।
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बेचैनी का इलाज
डॉक्टर किसी भी अंतर्निहित बीमारी के इलाज से शुरुवात करेंगे। शराब, कॉफी और कोला पेय से बचने की सलाह दी जाती है। चिंता कम करने के लिए डॉक्टर दवाओं को लिख सकते हैं। मनोचिकित्सा स्थिति से निपटने में मदद कर सकती है। विश्राम तकनीक, ध्यान और योग चिंता को कम करने में मदद करते हैं। दिन के दौरान पर्याप्त आराम करना, साथ ही रात की अच्छी नींद आपको इस बैचनी से उभरने में आपकी मदद कर सकती है।
इस आर्टिकल में हमने आपको बेचैनी से सम्बंधित कई बातें बताई, लेकिन अगर आप इस तरह की किसी भी बीमारी से गुज़र रहें हैं तो हम आपको यही सलाह देंगे के आप डॉक्टर से ज़रूर परामर्श करें, और जल्द से जल्द बेचैनी के लक्षण और इसका इलाज करवाएं।
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