हितेश पंत (नई दिल्ली)
रविवार की रात भारतीय क्रिकेट के लिए करिश्माई रात से कम न थी। बांग्लादेश के खिलाफ दिनेश कार्तिक की बल्लेबाजी ने सबको हैरत में डाल दिया। कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टूर्नामेंट भारत के नाम कर दिया। किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में छक्का लगाकर मैच जिताने का ये अब तक का दूसरा मौका है।
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार रात टी20 क्रिकेट का बेहद रोमांचक मुकाबला हुआ। निदहास ट्राफी के फाइनल मैच में भारत और बांग्लादेश की टीमें आपस में भिड़ रही थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 20 ऑवर में 8 विकेट पर 166 रन बनाए। बांग्लादेश की तरफ से सब्बीर रहमान ने सबसे ज्यादा 77 रन बनाए।
भारत को जीत के लिए 167 रनों की जरूरत थी। टीम ने 20 ऑवर में 6 विकेट खोकर 168 रन बना लिए। इस जीत के हीरो रहे भारत के अनुभवी खिलाड़ी दिनेश कार्तिक। मैच का अंतिम दौर बेहद रोमांचक रहा। 18वें ऑवर में भारत का एक भी रन नहीं बना। टीम इंडिया को अंतिम 2 ऑवर में जीत के लिए 34 रनों की जरूरत थी। जीत की जिम्मेदारी सौंपी गई दिनेश कार्तिक को। 19वें ऑवर में कार्तिक की शानदार बल्लेबाजी से 22 रन बने।
टीम इंडिया को जीत के लिए आखिरी ऑवर में 12 रनों की जरूरत थी। अंतिम ऑवर में भी 18वें ऑवर की तरह विजय शंकर का बल्ला जाम हो गया। पांचवी गेंद पर विजय के आउट होने के बाद जीत के लिए 5 रनों की जरूरत थी। दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का जमाकर मैच जिताया और जीत को ऐतिहासिक बना दिया।
इससे पहले साल 1986 में जावेद मिंयादाद ने टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में आखिरी गेंद पर छक्का लगाते हुए भारत से ऑस्ट्रेलिया कप छीन लिया था। तब आखिरी गेंद पर 4 रनों की जरूरत थी। लेकिन रविवार के मैच में छक्के से ही जीत संभव थी और कार्तिक ने इस बड़ी चुनौती को संभव कर दिखाया।