हर कोई बॉलीवुड की चकाचौंध में खोया रहता है और कहीं न कहीं सोंचता है कि काश मैं भी इन सितारों की दुनिया में जा सकूं। इस फिल्मी दुनिया के किरदार असल जिंदगी में कुछ और पत्रकारों से सामने कुछ और जबकि फिल्मों में कुछ और ही होते हैं। हम बस उनकी दुनिया में खोए रहते हैं और उनके जैसा प्रसिद्ध होना चाहते हैं लेकिन यह नहीं जानते कि उन्होने अपनी जिंदगी में कितनी कड़ी मेहनत की है जो उस मुकाम को हासिल किया है। मेहनत रंग लाती है का अच्छा उदाहरण पेश करती है यह फिल्मी दुनिया। वहीं कुछ लोग इसे पैत्रिक संपदा के रूप में पा लेते हैं लेकिन फिर भी उन्हें मेहनत करना पड़ता है संघर्ष नहीं।
आपको बता दें कि इस फ़िल्म जगत में किसी महिला कलाकार की स्थिति क्या होती है। वर्तमान समय में तो महिला कलाकार अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर अपने संघर्ष से आगे बढ़ते हुए अपना मुकाम हासिल कर रहीं हैं। आज वह खुले मंच पर अपने अभिनय का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्र मुग्ध कर डाइरेक्टर प्रोड्यूसर को लुभा फिल्म में जगह बना ले रहीं हैं। किन्तु पहले ऐसा न था पहले महिला कलाकार को निर्वस्त्र होकर एक बंद कमरे में अपने अभिनय का प्रदर्शन करने को कहा जाता था और उसी ऑडिशन से यह तय होता था कि उन्हें फ़िल्म में काम मिलेगा या नहीं। इसे कास्टिंग काउच के नाम से जाना जाता है। वर्तमान समय में भी यह कास्टिंग काउच होती आ रही है लेकिन पूर्व की अपेक्षा कम है।
हाल ही में यह देखने को मिला कि एक साऊथ की एक्ट्रेस को कास्टिंग काउच की वजह से निर्वस्त्र होकर अपने अभिनय का प्रदर्शन करना पड़ा था। बॉलिवुड में यह कोई नयी बात नहीं है जिसमें एक्ट्रेस का चयन इस तरह न किया जाता हो। बॉलिवुड एक्ट्रेस अपनी एक या दो फिल्मो के बाद काफी बोल्ड नजर आने लगती हैं जिसका मुख्य कारण यही है। उन्हें फ़िल्म जगत में अपनी जगह बनाए रखने के लिए ऐसा करना पड़ता है।
आपने मशहूर डाइरेक्टर अब्दुल रशीद कारदार जी के बारे में तो सुना ही होगा, वह अपनी फिल्मों में काम करने वाली एक्ट्रेस का चयन उन महिलाओं के स्क्रीन टेस्ट लेकर करते थे और उन्हें निर्वस्त्र होकर स्क्रीन टेस्ट देना होता था। ऐसे में आज के जमाने में तो बहुत बदलाव आ गया है यह स्क्रीन टेस्टिंग का कार्य किस स्तर तक पहुंच गया होगा इसकी कल्पना आप स्वयं कर सकते हैं। इसे फिल्मी जगत में कास्टिंग काउच के नाम से जाना जाता है।

