हितेश पंत (नई दिल्ली)
सोशल मीडिया में फेसबुक के विरोध को लेकर आवाज उठ रही है। पूरी दुनिया में डिलीट फेसबुक तेजी से ट्रेंड कर रहा है। व्हॉट्सऐप के को फाउंडर ब्रायन एक्टन भी लोगों से डिलीट फेसबुक की अपील कर रहे हैं। फेसबुक के खिलाफ इस अभियान के बाद से कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। यहां हम आपको बताएंगे ये पूरा मामला है क्या।
फेसबुक डिलीट का मुद्दा डेटा लीक मामले से जुड़ा है। पोलिटिकल डाटा एनालिटिकल कंपनी कैंम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने गैरकानूनी तरीके से फेसबुक के करोड़ों यूजर्स का डाटा चुराया और उसमें हेर-फेर कर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंम्ब्रिज एनालिटिका ने करीब 50 मिलियन लोगों के डाटा से छेड़छाड़ की है। मामले की जांच के लिए फेसबुक ने एक डिजिटल फॉरेंसिक फर्म को जिम्मेदारी दी है।
इस खबर के बाद से फेसबुक को बड़ा नुकसान हो रहा है। कंपनी के शेयर 10 फीसदी नीचे आ गए हैं। इस घटना के बाद व्हॉट्सऐप के को फाउंडर ब्रायन एक्टन ने फेसबुक को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्विट कर लिखा है कि अब फेसबुक को डिलीट करने का समय आ गया है। हांलाकि उन्होंने इसकी वजह नहीं लिखी। लेकिन ये सब डाटा चोरी के आरोपों के बाद हुआ है।
साल 2014 में फेसबुक ने व्हॉट्सऐप का 19 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण कर लिया था। डील के बाद एक्टन फेसबुक से जुड़ गए। लेकिन इस साल के शुरुआत में एक्टन ने फेसबुक का साथ छोड़कर सिग्नल फाउंडेशन नाम से नई कंपनी की शुरुआत की। फेसबुक यूजर्स के डाटा चोरी की खबर के बाद एक्टन भी फेसबुक के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं।
