युद्ध के मैदान में तैनात होने वाली पहली ITBP अधिकारी बनेंगी प्रकृति

 

हितेश पंत (नई दिल्ली)

सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही रही हैं। लड़ाकू विमान से लेकर युद्ध के मैदान में महिला सुरक्षा कर्मियों को तैनाती मिल रही है। अर्द्ध सैनिक बल भी महिला सैनिकों को लड़ाई के मैदान में उतारने के लिए तैयार हैं। आईटीबीपी में असिस्टेंट कमाडेंट का प्रशिक्षण ले रही प्रकृति जल्द पहली ऐसी अधिकारी बनने जा रही हैं जो सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेंगी।

 

 

भारत तिब्बत सीमा पुलिस ने 2016 में महिलाओं को युद्ध के मैदान में उतारने का फैसला लिया है। अभी तक आईटीबीपी में महिला अधिकारियों को युद्ध के मैदान में तैनात करने की इजाजत नहीं थी। इजाजत मिलने के बाद बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली प्रकृति ने संघ लोक सेवा आयोग के जरिए केंद्रीय पुलिस बल की असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा लिए आवेदन किया।

 

प्रकृति बताती हैं कि वर्दी पहनकर देश सेवा करना मेरा सपना रहा है। वायुसेना में कार्यरत पिता से उन्हें हमेशा देश सेवा की प्रेरणा मिली है। वे कहती हैं कि जब उन्हें मालूम पड़ा कि आईटीबीपी महिला अधिकारियों को युद्ध के मैदान में तैनात करने जा रहा है तो उन्होंने आईटीबीपी ज्वाइन करने का मन बना लिया था। परीक्षा के लिए आवेदन करते वक्त उन्होंने आईटीबीपी को ही पहली वरीयता दी।

 

 

 

इंजीनियरिंग ग्रेजुएट प्रकृति ने करियर के तौर पर सैन्य संगठन को चुना। चयनित होने के बाद अभी वो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में ट्रेनिंग ले रही हैं। यहां ट्रेनिंग के बाद वो देहरादून के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में अगले चरण की ट्रेनिंग के लिए जाएंगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रकृति को असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर युद्ध के मैदान में तैनाती मिलेगी।

youthexpress

I am a passionate writer. I draw my imagination with words. I can write on any given topic. Currently, I am working as a freelancer and author. A creative mind that wants to explore the whole world with the power of words, heart full of emotions, mind full of creative essence.

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

IND vs SA Head To Head in T20’S IPL 2022: STAT TRACKER