आपको बता दें कि विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार के दिन से मंदिर समिति ने सामान्य दर्शनार्थियों के लिए सौ सीट बढ़ा दी है। जहां अब प्रतिदिन 800 की जगह 900 श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए आनलाइन परमिशन दी जाएगी। आम भक्तों को अधिक सुविधा देने के लिए समिति ने प्रोटोकाल की संख्या कम कर दी है। भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए महाकाल मंदिर समिति ने 15 अप्रैल से आनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू की है। कोई भी व्यक्ति अपने एंड्राइड मोबाइल से 750 रुपये का आनलाइन भुगतान कर गर्भगृह में प्रवेश के लिए अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।
वीआईपी के निर्धारित है इतना कोटा
बता दें कि शुरुआती दिनों में समिति ने सामान्य दर्शनार्थियों के लिए 800 सीट, पुजारी पुरोहित के यजमानों के लिए 400 सीट तथा प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीआइपी के लिए करीब 300 सीट का कोटा निर्धारित किया था। दर्शनार्थी सुविधा पूर्वक आनलाइन अनुमति प्राप्त करके महाकाल जलाभिषेक कर रहे थे लेकिन अब आम भक्तों की मांग पर समिति ने सामान्य कोटे में 100 सीट का इजाफा किया है। मंगलवार के दिन से प्रतिदिन 900 भक्तों को जलाभिषेक की आनलाइन परमिशन जारी की जाएगी।
दूसरे शिफ्ट में भी कर सकते है दर्शन
जहां मंदिर समिति प्रतिदिन दो शिफ्टों में भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश के लिए अनुमति जारी कर रही है। जहां पहली शिफ्ट सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक है। इस दौरान भक्त भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर सकते हैं। दूसरी शिफ्ट में शाम को 6 से रात 8 बजे तक भक्तों को गर्भगृह से दर्शन कराए जाते हैं।
शाम को होता है श्रृंगार
इस दौरान श्रद्धालु केवल भगवान महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार शाम को 4 बजे के बाद भगवान महाकाल को जल अर्पण बंद हो जाता है। इसके बाद संध्या पूजा होती है और भगवान का भांग तथा सूखे मेवे से विशेष श्रृंगार किया जाता है। ऐसे में भक्त भगवान को जल नहीं चढ़ा सकते, केवल दर्शन कर सकते हैं।