जैसा कि शहरों में रहना हर किसी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। बढ़ती आबादी के कारण कभी न खत्म होने वाले ट्रैफिक जाम, लोगों का शोर, ऊंची-ऊंची कंक्रीट की इमारतें और हर दिन उड़ने वाली धूल-मिट्टी दिखाई देती है। ऐसे माहौल में रहने वाला हर कोई ऐसी जगह पर जाना चाहता है जो देखने में खूबसूरत होने के साथ-साथ बेहद शांतिपूर्ण भी हो और जहां खुलकर ताजी हवा में सांस ली जा सके। भारत में ऐसी कई जगहें हैं जो इन सभी खूबियों के लिए जानी जाती हैं। आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ साफ-सफाई के लिए भी मशहूर हैं। ऐसे में जीवन में कम से कम एक बार इस जगह पर जाना जरूरी है।
मावलिनोंग
मावलिन्नांग को एशिया का सबसे साफ गांव कहा जाता है। 2003 में डिस्कवर इंडिया द्वारा इस गांव को “एशिया का सबसे स्वच्छ गांव” का नाम दिया गया था। मावलिनोंग के 95 घरों में से प्रत्येक में एक बांस का कूड़ादान है, जिसका उपयोग कचरा इकट्ठा करने के लिए किया जाता है। फिर इसे एक सामान्य गड्ढे में डाल दिया जाता है और उर्वरक के रूप में उपयोग किया जाता है। इस गांव में 100 फीसदी लोग शिक्षित हैं। इस गांव में हर उस प्लास्टिक पर प्रतिबंध है जिसे आसानी से रिसाइकल नहीं किया जा सकता। इसके अलावा गांव की हवा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यहां धूम्रपान पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, इतना ही नहीं अगर कोई धूम्रपान करता हुआ पाया जाता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
सुंदर नाको घाटी
हिमाचल प्रदेश का यह गांव स्पीति घाटी में स्थित है, और तिब्बती सीमा के बहुत करीब है। यह शांत छोटा सा गाँव एक प्राचीन मठ परिसर का घर है, जो बौद्ध लामाओं द्वारा संचालित चार पुराने मंदिरों का एक समूह है। इन मंदिरों की दीवारों पर बेहद खूबसूरत पेंटिंग बनाई गई हैं। यह गांव अपनी साफ-सफाई के लिए भी मशहूर है।