हितेश पंत (नई दिल्ली)
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हर रोज भारत के खाते में पदक बढ़ते जा रहे हैं। आज पैरा लिफिटिंग में कांस्य पदक भारत के नाम हुआ। पोलियोग्रस्त होने के बावजूद सचिन चौधरी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और देश को कांस्य पदक दिलाकर एक मिसाल कायम की है। सचिन की इस सफलता के बाद प्रधानमंत्री ने भी उन्हें बधाई दी है।
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा लिफ्टर सचिन के हौसले के आगे पोलियो ने भी हार मान ली। सचिन ने 181 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देशवासियों का दिल भी जीत लिया है। सचिन मेरठ के रहने वाले हैं। 8 साल की उम्र में पोलियो हो जाने से सचिन का एक पैर खराब हो गया। लेकिन सचिन ने हौसला नहीं छोड़ा।
सचिन खेल और फिटनेस में खुद को आगे रखते गए। स्कूल लेवल पर हुई प्रतियोगिता में सचिन को पहला पदक मिला। यहीं से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने का फैसला किया। इसके बाद सचिन ने राज्य स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीता। 2009 में मलेशिया ओपन पैरा लिफ्टिंग में सचिन ने कांस्य पदक जीता। इसके बाद 2010 में वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कामयाबी हासिल की। 2017 में दुबई में हुए वर्ल्ड कप प्रतियोगिता में सचिन ने सिल्वल मैडल जीता।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सचिन अब तक 30 पदक जीत चुके हैं। अब कॉमनवेल्थ में पदक जीतकर सचिन ने देश का नाम ऊंचा किया है। पैरा लिफ्टिंग में देश का ये अब तक का पहला पदक है। सचिन की इस उपलब्धि के बाद राष्ट्रपति कार्यालय और पीएम नरेंद्र मोदी से भी उन्हें बधाई मिली है। सचिन उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो परिस्थिति को अपनी असफता के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।