हितेश पंत (नई दिल्ली)
फेसबुक डाटा लीक की खबरें आजकल प्रमुखता लिए हुए है। कंपनी पर यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक करने का आरोप है। ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि क्या फेसबुक में अपनी जानकारी साझा करना सुरक्षित है। डाटा चोरी की खबर के बाद सोशल मीडिया में अफवाहों का बाजार गर्म है। अलग-अलग तरकीबें सुझाकर लोग अकांउट की सुरक्षा जांच करने के बारे में बता रहे हैं। एक पोस्ट में कहा जा रहा है कि यदि ‘BFF’ कमेंट करने से अपने फेसबुक अकाउंट की सुरक्षा पता कर सकते हैं।
पोस्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्क ने नया फीचर शुरू किया है। यूजर का फेसबुक अकाउंट सेफ है या नहीं ये जानने के लिए पोस्ट में BFF कमेंट करने पर यदि उसका टेक्स्ट का रंग हरा हो जाता है तो इसका मतलब है कि वो अकाउंट सेफ है। यदि कमेंट के बाद टेक्स्ट का रंग हरा न हो तो मतलब एकाउंट सेफ नहीं है।
हम आपको बताते हैं इसका पूरा सच क्या है। असल में ये सिर्फ एक अफवाह है और पूरी तरह झूठ है। टेक्स्ट का रंग हरा होने या न होने से आपके फेसबुक अकाउंट की सुरखा का पता नहीं चलता है। फेसबुक में कुछ ऐसे टेक्स्ट होते हैं जिनका रंग उनके अर्थ के अनुसार बदलता है। जैसे जब आप किसी को बधाई या Congratulations कमेंट करते हैं तो उस टेक्स्ट का रंग केसरिया हो जाता है। उसी तरह BFF टाइप करने पर टेक्स्ट का रंग हरा हो जाता है।
दरअसल BFF का पूरा मतलब होता है बेस्ट फ्रेंड फॉरएवर। तो जब भी हम फेसबुक पर BFF कमेंट करते हैं तो फेसबुक इस टेक्स्ट को फ्रेंडशिप कमांड की तरह रीड करता है और कमेंट किए टेक्स्ट का रंग हरा हो जाता है। इस तरह ये साफ है कि BFF का फेसबुक अकाउंट सेफ या अनसेफ से कोई ताल्लुक नहीं है।