हितेश पंत (नई दिल्ली)
जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद वहां राज्यपाल शासन लागू है। अब आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई भी तेज हो गई है। बॉर्डर पर लगातार बढ़ती आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला किया है। जम्मू कश्मीर में अब आतंकियों के खात्मे के लिए एनएसजी कमांडो की टीम तैनात की जाएंगी। आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए एनएसजी सबसे ताकतवर फोर्स में से एक है।
जम्मू कश्मीर में आतंकियों की खैर नहीं। वहां आतंकियों से निपटने लिए जल्द नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स की टीम तैनात हो रही है। जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ है। आगामी 29 जून से अमरनाथ यात्रा की भी शुरूआत हो रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गृह मंत्रालय काफी चिंतित है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यात्रा रूट पर भी एनएसीजी कमांडो तैनात होंगे।
मीडिया सोर्स के अनुसार ये एनएसजी कमांडो जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग भी देंगे। आतंकियों से निपटने के लिए कमांडो टीम को कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों में तैनात किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात भी सामने आयी है कि एनएसजी की एक टीम पहले से जम्मू कश्मीर में तैनात है और वहां कि परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनिंग ले रही है।
ब्लैक कैट के नाम से मशहूर एनएसजी कमांडो को आतंकियों से निपटने में महारत हासिल है। 26/11 का मुंबई आतंकी हमला हो या जनवरी 2016 को पठानकोठ एयरबेस पर हुई आतंकी घुसपैठ से निपटने के लिए एनएसजी टीम को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा गुजरात अक्षरधाम मंदिर में हुए आतंकी हमले के जवाब के लिए एनएसजी टीम को तैनात किया गया था।
एनएसजी कमांडो सामान्य सैनिकों से ज्यादा ताकतवर होते हैं। वे हवा, पानी या जमीन कभी से भी आतंकियों से निपट सकते हैं। 90 दिनों के बेहद कठिन प्रशिक्षण के बाद जवान एनएसजी कमांडो बन पाते हैं। एनएसजी की टीम अत्याधुनिक हथियारों और सुरक्षा उपकरणों से लैस होती है। पूरे एशिया में भारतीय एनएसजी कमांडोज से ताकतवर टीम कोई नहीं है।


