हितेश पंत (नई दिल्ली)
विदेश में जाकर पढ़ाई करना युवाओं का सपना होता है। भारत से भी लाखों छात्र हर साल विदेशी कॉलेजों में पढ़ने जाते हैं, तो हजारों छात्र हर साल भारतीय कॉलेजों में पढ़ने आते हैं। अब केंद्र सरकार ने ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है जिससे भारतीय कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इससे शिक्षा के क्षेत्र में देश की साख मजबूत होगी।
केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रायल और विदेश मंत्रालय ने स्टडी इन इंडिया नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की है। भारत के कॉलेजों में पढ़ने की इच्छुक छात्रों को यहां एडमिशन लेने में काफी सहुलियत होगी। कई विश्वविद्यालयों में अभी विदेशी छात्रों के लिए 10 से 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं।
भारत में आकर पढ़ने के लिए विदेशी छात्रों को कई विभागों से अनुमति लेनी होती है। ये प्रक्रिया कुछ कठिन है, ऐसे में कई छात्र जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते और उनकी सीटें खाली रह जाती हैं। स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम के तहत विदेशी छात्रों को सारी जानकारी www.studyinindia.gov.in पर मिल जाएगी। यहीं वो सारे जरूरी दस्तावेज जुटा सकते हैं और एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस कार्यक्रम से आईआईटी, आईआईएम और 160 अन्य प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ने के लिए तैयारी कर रहे विदेशी छात्रों को आसानी से एडमिशन मिल पाएगा। इस कार्यक्रम के लिए सरकार ने 2 साल के लिए 150 करोड़ का बजट रखा है। दुनिया के करीब 2 लाख छात्रों को 2022 तक भारत में लाने का लक्ष्य है। इससे दुनिया में भारत की शिक्षा के क्षेत्र में साख मजबूत होगी।
इसके अलावा दुनिया के मेधावी छात्रों को लुभाने के लिए केंद्र सरकार ने स्कॉलशिप देने का भी फैसला किया है। सरकार एडमिशन लेने वाले टॉप के 25 प्रतिशत छात्रों की फीस पूरी तरह माफ कर देगी। इस योजना से फिलहाल एशिया और अफ्रिकी देशों के छात्रों को भारत में लाने का प्रयास हो रहा है।