दक्षिण भारत के प्रसिद्ध अभिनेता मोहन बाबू पिछले कुछ दिनों से वाईएसआर कांग्रेस में शामिल होने की वजह से चर्चाओं में थे। मगर अब वह एक नए विवाद की वजह से सुर्खियों में हैं। दरअसल यह विवाद 9 साल पुराना है। जिसमें हैदराबाद की स्थानीय अदालत ने उन्हें 1 साल की सजा सुनाई है। मोहन बाबू पर यह मुकदमा चेक बाउंस से जुड़ा हुआ है।
दरअसल दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध अभिनेता निर्माता मोहनबाबू ने 2010 में वाईवीएस चौधरी को ₹40 लाख 50 हजार चेक के रूप में दिए थे। मगर उनके अकाउंट में इतना रकम ना होने की वजह से वह यह पैसा लौटाने में असमर्थ रहे। जिसके कारण वाईवीएस चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हैदराबाद के एक स्थानीय अदालत ने मोहन को 1 साल की सजा सुनाई है।
इस पूरे मामले पर हवाई वीएस चौधरी के वकील के सत्य साईं बाबा ने मीडिया को बताया कि मोहन को बकाया रकम वापस लौट आनी पड़ेगी। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने मोहन पर आर्थिक दंड भी लगाया है जो कि मोहन को चुकाना पड़ेगा। मोहन ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई देते हुए कुछ ट्वीट किए हैं।
मोहनबाबू ने ट्वीट करते हुए बताया कि यह केवल उनके खिलाफ फैलाया जा रहा एक प्रोपेगंडा है जो कि कुछ टीवी चैनलों के साथ मिलकर उनके खिलाफ फैलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अभी सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बाकी है और वह सुप्रीम कोर्ट को इस मामले के बारे में बताएंगे और वहां पर अपील करेंगे कि पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाया जाए। ताकि उनके खिलाफ जो लोग प्रोपेगंडा फैला रहे हैं। उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
कुछ समय पहले ही मोहनबाबू ने वाईएसआर कांग्रेस की सदस्यता ली थी। जिसके बाद वह लगातार सुर्खियों में थे। अब चेक बाउंस मामले में फैसला आने के बाद क्या फैसला उनके समर्थकों के लिए चौंकाने वाला है।

