“PM  नरेन्द्र मोदी”

"PM  नरेन्द्र मोदी"

“PM  नरेन्द्र मोदी”फिल्म नरेन्द्र मोदी के जीवनोद्देश्य पर अधिक प्रकाश डालती है। विवेक ओबेराॅय मुख्य भूमिका में हैं तथा जैसे जैसे फिल्म आगे बढ़ती है  उनमें नरेन्द्र मोदी की झलक निखरती जाती है। फिल्म के शुरूआत से इंटर्वल तक इस बात को दिखाने का प्रयास किया गया है की, नरेन्द्र मोदी के देशभक्ति व राजनीति में आने के पीछे स्वार्थ से ऊपर राष्ट्र प्रेम ही है। अभिनय की दृष्टि से विवेक ओबेराॅय ने पूरी कोशिश की है नरेन्द्र मोदी के हाव भाव में खुद को ढ़ालने  के लिए। फिल्म में कुछ अन्य राजनीतिक व्यक्तियों को भी दिखाया गया है जैसे पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, अखिलेश यादव। इन सभी पात्रों को स्थिति अनुसार फिल्म में दिखाया गया है।

रतन टाटा के किरदार को भी शामिल किया है इन सभी पात्रो के जिस पक्ष या घटना ने नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल या व्यक्तित्व को प्रभावित किया उन्हीं सन्दर्भों में वो फिल्म में आए हैं।फिल्म में नरेन्द्र मोदी के अमेरिका यात्रा को भी दिखाया गया है तथा उस सन्दर्भ में इंदिरा गाँधी जी के कार्यकाल में लगे आपातकाल को भी दिखाया गया है। यदि फिल्म को ध्यान से देखें तो यही कहा जा सकता है की इस फिल्म के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी पर लगे विभिन्न आक्षेपों को जवाब देने का प्रयत्न किया गया है इसी लिए ये फिल्म नरेन्द्र मोदी के व्यक्तिगत संघर्षों या व्यक्तित्व से अधिक महत्वपूर्ण परिस्थितियें पर अधिक प्रकाश डालती है जिनमें इन्होने महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए। गोधरा कान्ड, भुज में आए भूकंप की त्रासदी व गुजरात दंगे इस फिल्म में शामिल किए गए हैं। इस फिल्म में नरेन्द्र मोदी के “हिन्दुस्तान” व “हिन्दुइस्म” के मतलब को भी स्पष्ट किया गया है।

कथावस्तु की दृष्टि से यह फिल्म कई घटनाओं का संग्रह है।  कई बार ऐसा लगता है की फिल्म अधिक तेजी से बढ़ रही है, इतने घटनाओं के संग्रह के कारण ये स्वाभाविक भी है। अभिनय, निर्देशन व छायांकन की दृष्टि से “PM  नरेन्द्र मोदी” एक औसत फिल्म है।

 

Manjula Tiwari

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

IND vs SA Head To Head in T20’S IPL 2022: STAT TRACKER