पाकिस्तान चाहे मुशर्रफ के दौर का रहा हो या नवाज़ शरीफ के टाइम का या फिर आज क्रिकेटर से सेना की दया पर पीएम बने इमरान खान मियां की मौजूदा सत्ता है तो यही बात की चोर है पाकिस्तान | यह खुद तारिक फ़तेह और हस्सान निस्सार जैसे पाकिस्तानी लोग कह चुके है कि यह देश पग-पग पर चोरी-चक्करी की फैक्ट्री है जहाँ मुल्ला जनरल और आतंकी लीडरों सेना और आईएसआई के पैसों, सुविधा आदि की बदौलत “ग्लोबल जेहाद” का झूठा स्वप्न पूरा करने में लगे हुए है जिसके कारण वह आज एक चोर देश बन चूका है|
“चोर है पाकिस्तान” यह तो इस नापाक मुल्क आतंकिस्तान उर्फ़ पाकिस्तान का ट्रेडमार्क स्लोगन है|
विश्वास करने के लिए इतिहास के पाने को झांखने की ज़रुरत भी नहीं है क्योंकि अब बालाकोट एयर स्ट्राइक जो कि पुलवामा कायराना आतंकी हमले का बदला था उसी से सबको सारी बात समझ में आ जावेगी|
हुआ क्या ? पुलवामा हमले को अंजाम दिया पाकिस्तान द्वारा पला हुआ जैश-ए-मोहम्मद (मोहम्मद की सेना) जिसने लगातार भारत पर हमला किया लेकिन इस बार तो हद पर करते हुए सीआरपीएफ के कॉन्वॉय पर सुसाइड बॉम्बर की मदत से आईईडी ब्लास्ट करवाया और हमारे 40 से अधिक वीर जवान शहीद हो गए|
इसके बाद ठोस प्रतिउत्तर में भारत ने अपने ज़िम्मेदार पीएम नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई वाली सरकार के आदेश पर बालाकोट एयर स्ट्राइक किया और 300 से अधिक आतंकवादियों को ठिकाने लगा डाला और साथ ही जैश के ठिकानों को उखाड़ फेंका|
इसके बाद तो पाकिस्तान की सिट्टी-बिट्टी गुम हो गई जिसके कारण उसे अपने आतंकियों को छुपाना पड़ा और साथ ही उसे हमारे वीर पायलट अभिनंदन को छोड़ा भी लेकिन इसका भी उसने ढिंढोरा पीटा पहले उनके फेक वीडियोस बनवाकर ,यहाँ पर एंटी-इंडिया लॉबी से प्रचार करवा के और फिर इंटरनेशनल मीडिया को बॉर्डर पे पहुंचवा कर पूरी कवरेज अपने पक्ष में करवाने में टुच्चई करने में अव्वल रहते हुए|
इसके बाद वह अज़हर मसूद को आतंकी घोषित करने पर टालमटोल करता हुआ दिखाई दिया और उसके मरने-ज़िंदा होने की खबर की पुष्टि भी नहीं कर पा रहा| हद्द तो तब पार हो गई जनाब जब इस चोर देश पाकिस्तान ने अपने चोरों के सरदार और सेना के पिट्टू इमरान खान (बड़का ! पठान का बच्चा) को एक बार में ही नोबेल पीस प्राइज देने के लिए प्रस्ताव में नामांकित कर डाला और वह भी जानते हुए कि नोबेल प्राइज प्रस्ताव से नहीं मिलता है|
“चोर है पाकिस्तान” : खुद ही आतंक फैलाये , स्वयं को ही शांति पुरस्कार दिलवाए ! अब चोर तो खुद कबूल करेगा नहीं कि चोरी उसने ही की हुई है इसलिए ऐसे भूत बातों से नहीं लातों से मानते है बस|