एक अध्ययन में पाया गया है के दिल का दौरा पड़ना अब बहुत तेज़ी से आम हो रहा है और वो भी 40 और उससे कम उम्र के लोगों में सबसे ज़्यादा होने की सम्भावना दिखाई देती है। ये बीमारी जिसे पहले पुराने रोग के रूप में जाना जाता था, अब ये एक आम बीमारी बन गया है।इस अध्ययन में उम्रदराज लोगों की तुलना में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के लोग दिल के दौरे पड़ने की चपेट में ज़्यादा आते हैं। आप को ये भी बता दें के दिल का दौरा पड़ने वाले 40 वर्ष या उससे नीचे के लोगों का अनुपात पिछले 10 वर्षों से हर साल 2% बढ़ता ही जा रहा है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर रॉन ब्लैंकस्टीन ने कहा, “40 साल से कम उम्र के लोगो में दिल का दौरा पड़ना भी एक दुर्लभ स्तिथि है। लेकिन आजकल कुछ लोग अपने 20 और 30 दशक भी ठीक से पूरा नहीं कर पाते और वो इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं।
अध्यन में दिल का दौरा पड़ने के कारण
ये जानना भी बहुत महत्वपूर्ण है के, कम उम्र के हार्ट अटैक सर्वाइवर्स को दूसरे हार्ट अटैक या स्ट्रोक से मरने की संभावना उतनी ही होगी जितनी 50 साल से अधिक उम्र के लोगों की होती है। जैसा की हम सब जानते हैं दिल का दौरा पड़ने के मुख्य कारक में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान,आदि शामिल हैं। या समय से पहले दिल का दौरा पड़ने का कारण पारिवारिक इतिहास, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मादक द्रव्यों के सेवन, मारिजुआना और कोकीन आदि का सेवन करने की वजह से होते हैं।
निष्कर्षों को अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के 68 वें वार्षिक वैज्ञानिक सत्र न्यू ऑरलियन्स में प्रस्तुत किया जाएगा। अपने इस अध्यन को अंजाम देने के लिए शोधकर्ताओं ने कुल 2,097 युवा रोगियों को शामिल किया है।
अपने इस अध्यन के बाद उन्होंने पाया कि 40 से नीचे के समूह में अधिक सहज कोरोनरी धमनी विच्छेदन पाया गया है, और इसका कारण अस्वस्थ जीवनशैली को बताया है। सावधानियों के तौर पर ब्लेंकस्टीन ने सुझाव दिया कि तम्बाकू से परहेज, नियमित व्यायाम, हृदय स्वस्थ आहार, आवश्यकता पड़ने पर वजन कम होना, रक्तचाप की आवश्यकता और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना, मधुमेह को नियंत्रित करना और मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहे।
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