ज़ायरा वसीम अपने मज़हब को आधार बता कर बॉलीवुड को अलविदा कह रही है| मगर जहा मज़हब की बात आती है वहा राजनीती भी आ ही जाती है| हालांकि फिल्मों में काम छोड़ने के उनके फैसले पर राजनीतिक गलियारो में बहस छिड़ गई है| Congress और national confrence के नेताओं ने इसे अभिनेत्री का निजी फैसला बताकर जहां उनके फैसले का समर्थन किया है, वहीं शिवसेना ने इसे उनके धर्म के लिए अहितकारी और गलत धारणा बनाने वाला बताया है|
अपने इंस्टाग्राम पर करीब 6 पेज का नोट लिख एक्टर ने पोस्ट किया था की उन्हें बॉलीवुड में 5 साल पुरे हो गए है| वह कबूल करना चाहती हैं कि अपने इस काम से मिली पहचान से वह वाकई में खुश नहीं हैं|
Congress नेताओं ने दिया प्रतिकिया
ज़रया वसीम का फैसला देखते ही देकते राजनीति का एक मुद्दा बन गया है| कांग्रेस के नेताओं इस मुद्दे पर अपना अपना बयाना और प्रतिक्रियाए दे रहे है| अभिनेत्री के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देने वाले नेताओं में Congress नेता मिलिंद देवड़ा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं|
कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘कुछ पाखंडी लोग अचानक जायरा वसीम और नुसरत जहां को उपदेश देने लगे हैं| यहां दक्षिण मुंबई में मेरे कई हिंदू और जैन मित्र हैं, जिन्होंने अपने गुरुओं और धर्म के नाम पर अपने शानदार करियर तक को छोड़ दिया| आप यह चयन कर सकते हैं कि धर्म आपके करियर या प्रेम जीवन को निर्धारित करता है या नहीं| ’
इन्होने नवनिर्वाचित एवं नवविवाहित तृणमूल Congress सांसद Nusrat jahan का भी जिक्र किया, इनके सिंदूर और मंगलसूत्र पहने पर भी काफी बावल और बयानबाज़ी हुई है|
Phoneys suddenly lecturing on #ZairaWaseem & #NusratJahan.
I have Hindu & Jain friends right here in SoBo who renounced cushy careers for their gurus & faith.
You can choose whether religion determines your career or love life. Unless minors, let others decide for themselves
— Milind Deora | मिलिंद देवरा ☮️ (@milinddeora) July 1, 2019
इस बात पे अपने पक्ष हुए शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने कई पोस्ट किया की- ‘‘हर किसी को अपने आस्था के पालन का अधिकार है, लेकिन करियर के चयन के लिए इसे (धर्म को) असहिष्णु नहीं ठहराना चाहिए, जो हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं होता है|
Zaira Wasim moving on from film industry is alright and the country wishes her well. To each their own calling. However it was unfortunate to read in her letter that the decision was taken on the basis of her belief that it hinders her to practise her faith.
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) July 1, 2019
उन्होंने यह भी कहा की ‘‘वास्तव में उनका यह कदम उनके धर्म के लिए बहुत अहितकारी और लोगों के मन में गलत धारणा बनाने वाला है और यह इस्लाम के बारे में उन बातों को बल देता है कि इस्लाम असहिष्णु है|”
Please practise your faith, if it is your calling, but do not use it to make your religion sound intolerant to career choices, which it clearly isn’t. This actually does a huge disservice to her religion & reinforces the narrative about Islam being intolerant.
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) July 1, 2019
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