हितेश पंत (नई दिल्ली)
आज से 57 साल पहले अंतरिक्ष पर किसी मानव ने कदम रखा था। ये एक ऐतिहासिक क्षण था जब 27 साल के एक पायलट ने पहली बार पृथ्वी का चक्कर लगाया था। इस पायलट का नाम है यूरी गागरिन। यूरी गागरिन के बाद ही वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मावन को भेजने पर बड़े प्रयोग किए। इसके बाद से ही हर साल 12 अप्रैल को इंटरनेशनल डे ऑफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट की तरह मनाया जाता है।
रूसी-सोवियत पायलट यूरी गागरिन 12 अप्रैल 1961 को पृथ्वी का चक्कर लगाने वाले पहले व्यक्ति बने। वोस्ताक-1 में यान में सवार होकर यूरी ने ये सफर पूरा किया था। उन्होंने 108 मिनट में पृथ्वी की कक्षा का चक्कर पूरा किया था। यूरी की लंबाई पांच फुट दो इंच थी। वो अंतरिक्ष यान की कैप्सूल में फिट आते थे। कम हाइट के कारण ही उन्हें इस अभियान के लिए चुना गया था।
यूरी का जन्म 9 मार्च 1934 को बेहद साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक कारपेंटर थे और मां खेतों में काम करती थीं। यूरी के बचपन में एक नाजी अधिकारी ने उनके घर पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद उनका परिवार कई समय तक झोपड़ी में रहा। 1955 में यूरी ने कास्टिंग टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा करने साथ फ्लाइंग क्लब में विमान उड़ाना भी सीखने लगे। इसके बाद वे सोवियत वायु सेना में पायलट बन गए।
अंतरिक्ष की यात्रा पूरी कर यूरी गागरिन दुनियाभर में फेमस हो गए। लोग उन्हें रियल हीरो मानने लगे थे। यूरी को ऑर्डर ऑफ लेनिन और सोवियत संघ के हीरो का सम्मान दिया गया। यूरी गागरिन की 27 मार्च 1968 को एक विमान हादसे में तब मृत्यु हो गई, जब वे मिग-15 ट्रैंनिग जैट उड़ा रहे थे।