यूंही हमारे देश को प्रतिभाओं का देश नहीं कहा जाता है. हर प्रतिभा यहां मौजूद है, चाहे खेल के क्षेत्र में हो, ज्ञान के क्षेत्र में हो या विज्ञान के क्षेत्र में हो. अनगिनत प्रतिभायें सुदूर इलाकों में बसे छोटे छोटे गांव की मिट्टी से निकल कर देश के साथ ही विदेश में भी अपना लोहा मनवा रही हैं. ऐसी प्रतिभा का ताजा उदाहरण हिमा दास के रूप में हमारे सामने है…..
मगर आज भी लाखों ऐसी प्रतिभाएं इस देश के अंदर मौजूद हैं जिन्हे पहचानने की जरूरत है, उन्हें सहारा देकर तराशने की जरूरत है, उन्हें मौका उपलब्ध कराने की जरूरत है. सुविधाओं के अभाव में न जाने कितनी प्रतिभाएं देश की नजरों से दूर किसी छोटे से गांव या कस्बे में दबकर रह जाती हैं. आज भी वो प्रतिभाएं खुद को दुनिया के सामने के लाने के लिए किसी सहारे के इंतजार में हैं.
ऐसी ही एक प्रतिभा छुपी है मध्यप्रदेश के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी में…. जिसको आज उभरने के लिए एक सहारे की जरूरत है. एक तेज तर्रार धावक, जो आज सड़क पर अपना जलवा दिखा लोगों को दीवाना रहा है. जब ये तेज तर्रार धावक सड़क पर दौड़ता है तो हर कोई दांतों तले ऊँगली दबा लेता है. बिजली की रफ़्तार से दौड़ने वाले इस शख्स की तुलना बहुत से लोगों ने तो विश्व प्रसिद्ध धावक उसेन बोल्ट से कर डाली. इस प्रतिभा की खबर जब मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कानों तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और ट्विटर के माध्यम से उस युवक की हर संभव सहायता करने के लिए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू से आग्रह किया.
ये शख्स, जो उसेन बोल्ट से कर रहा है अपनी तुलना
हम बात कर रहे हैं शिवपुरी के रहने वाले तेज तर्रार धावक रामेश्वर गुर्जर की. रामेश्वर का एक वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है, जिसमे वो सड़क पर नंगे पैर दौड़ते हुए दिख रहे हैं. इस वीडियो में वो 100 मीटर दौड़ को पूरा करने में महज 11 सेकेण्ड का समय लेते हुए देखे जा सकते हैं. इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों द्वारा शेयर भी किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर आते ही रामेश्वर एथलीटों के लिए हीरो बन चुके हैं.
रामेश्वर शिवपुरी के एक छोटे से गांव नरवार के रहने वाले हैं और उनके पिता एक किसान हैं. तीन भाई और दो बहनों के साथ परिवार में रहते हुए रामेश्वर लम्बे समय से दौड़ की प्रैक्टिस गांव की सड़कों पर ही कर रहे हैं. सुविधाओं के अभाव में रामेश्वर लगातार संघर्ष कर रहे हैं. अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए आजकल उन्हें गांव में दूध बाँटने का काम करना पड़ रहा है. मगर अब केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की तरफ से बुलावा आया है तो उम्मीद की किरण जागी है.
शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू को टैग करते हुए ट्विटर पर 11 सेकेण्ड का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमे उन्होंने लिखा है ” भारत प्रतिभाओं से भरा हुआ देश है. अपने कौशल को विकसित करने के इच्छुक इस एथलीट का सहयोग करने के लिए मैं आपसे आग्रह करता हूँ.” इस ट्वीट के अंत में गोविंद नाम के एक व्यक्ति को टैग करते हुए धन्यवाद् भी कहा गया है. यह व्यक्ति खुद के ट्विटर प्रोफाइल में जर्नलिस्ट लिखता है.
India is blessed with talented individuals. Provided with right opportunity & right platform, they’ll come out with flying colours to create history!
Urge @IndiaSports Min. @KirenRijiju ji to extend support to this aspiring athlete to advance his skills!
Thanks to @govindtimes. pic.twitter.com/ZlTAnSf6WO
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 16, 2019
पूर्व मुख्यमंत्री के इस ट्वीट को 3 लाख 69 हजार बार देखा जा चुका है जबकि लगभग 4 हजार लोगों द्वारा रीट्वीट किया जा चुका है. इस वीडियो को लाइक करने वाले लोगों की संख्या साढ़े 23 हजार के करीब है. केन्द्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए शिवराज सिंह के ट्वीट पर रिप्लाई किया. उन्होंने लिखा है ” उसे किसी से मेरे पास लाने के लिए कहें, मैं उसे एक एथलेटिक अकेडमी में रखने की व्यवस्था करूँगा”
Pls ask someone to bring him to me @ChouhanShivraj ji. I’ll arrange to put him at an athletic academy. https://t.co/VywndKm3xZ
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 16, 2019
रामेश्वर के इस वीडियो को गुना के सांसद कृष्णपाल सिंह यादव ने शेयर करते हुए केंद्रीय खेल मंत्री से रामेश्वर की मदद करने का आग्रह किया है. अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने लिखा है “संसदीय क्षेत्र शिवपुरी के तेज तर्रार धावक रामेश्वर गुर्जर जिनको माननीय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के आह्वान पर केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू जी ने खेल प्रतिभा को निखारने के लिए त्वरित मदद करने का आश्वासन दिया है। मेरी ओर से भी केंद्रीय मंत्री जी से अनुरोध है कि ऐसी विलक्षण प्रतिभा मदद स्वरुप उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिल जाए तो देश के लिए देशी उसेन बोल्ट मिल जाएगा। जो राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगा।
https://www.facebook.com/DrKPSinghYadavGuna/videos/2453421298051227/?v=2453421298051227
इस मामले में मीडिया ने जब रामेश्वर से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरा बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना था. इसी ललक के साथ मैंने दौड़ना शुरू किया. मगर लम्बाई कम होने की वजह से मैं सेना में भर्ती नहीं हो सका. मुझे इस बात का अफ़सोस है. मगर अब मैं दौड़ के क्षेत्र में ही आगे करियर बनाऊंगा. रामेश्वर दावा करते हैं कि अगर मुझे सुविधाएँ उपलब्ध करा दी जाएं तो मैं उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ दूंगा.
आपको बता दें कि विश्व प्रसिध्द धावक उसैन बोल्ट के नाम 100 मीटर की दौड़ को महज 9.58 में पूरी करने का रिकॉर्ड है.