पूरी दुनिया में लोग अपने खाने-पीने पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। लोग अच्छे से अच्छा भोजन करने की कोशिश करते हैं, पर इसके चक्कर में वे यह भूल जाते हैं कि वे गलत चीज तो नहीं खा रहे हैं। स्वाद में अच्छा लगना और पोषक होना, दो अलग-अलग बातें हैं। हमें इस बात पर सबसे ज्यादा गौर करना चाहिए कि हम जो चीज खा रहे हैं, वह पोषक है या नहीं।
खास बात
आज अपने भोजन से जो पोषक तत्व प्राप्त करते हैं, वह कई कारकों पर निर्भर करता है। आप किस तरह से भोजन को पकाते हैं, कैसे तैयार करते हैं, क्या-क्या मिलाते हैं, किसके साथ खाते हैं, इस सब पर निर्भर करता है कि भोजन से कितना पोषण आपको मिलेगा। भोजन की अलग-अलग किस्में भी इसे प्रभावित करती हैं। सारे सूखे मेवे, सेब या आलू एक जैसे तरीके से तैयार नहीं किए जाते हैं। जानते हैं कि भोजन का सबसे अच्छा तरीका क्या होता है, ताकि हम उससे ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व प्राप्त कर सकें…
आलू
अगर आपको लगता है कि सफेद आलू से तैयार फ्रेंच फ्राइज, मैश्ड या बैक्ड आलू से आपको काफी फायदा होगा तो आप गलत हैं। एक अध्ययन से पता लगा है कि बैंगनी आलू से रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है और कैंसर का खतरा कम हो जाता है। बैंगनी आलू में सफेद आलू के मुकाबले ज्यादा पॉलीफेनोल होता है। इससे शरीर में ब्लड शुगर कम होती है।
सेब-नाशपाती
आपको सेब और नाशपाती को पूरी तरह से पकने देना चाहिए। इसके बाद ही आपको इनका सेवन करना चाहिए। एक अध्ययन से पता लगा है कि पकने की प्रक्रिया के दौरान सेब और नाशपाती में क्लोरोफिल टूटने लगते हैं। इससे फलों में अत्यधिक सक्रिय एंटीऑक्सीडेंट्स पैदा होते हैं। इन्हें पूरी तरह से पकने देने के लिए फ्रिज में रखने से बचें। वैसे भी ये दोनों फल बिना फ्रिज के आराम से बाहर रह सकते हैं।
लहसुन
लहसुन का इस्तेमाल करने में जल्दबाजी न करें। लहसुन छीलने के बाद उसे थोड़ी देर तक दबाकर छोड़ दें। शोध बताते हैं कि अगर आप लहसुन को कम से कम 10 मिनट दबाकर छोड़ देती हैं तो इसमें से एलिकिन नामक एंजाइम निकलता है। इससे कार्डियोवस्कुलर सिस्टम में प्लेटलेट्स कम चिपचिपे होकर या ज्यादा स्वतंत्र रूप से प्रवाह करने लगते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।