होली का पर्व अब नजदीक आ गया है वहीं यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। तो ऐसे में देश और दुनिया में होली की तैयारियां खूब जोरशोर से हो रही हैं। होली का पर्व एक दूसरे की बुराई भूलकर गले मिलकर मनाया जाता है। अबकी बार होली पर सरकार की तरफ से जारी कोरोना एडवायजरी लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। जिसमें सामाजिक दूरी का जरूर पालन करें। तो ऐसे में अगर आप भी चाहते है कि होली में खूब मजा मिलें। तो जाइये इस जगह का लुत्फ़ उठाइयें। आइये जानते है उस जगह के बारे में।
ब्रज की जानी-मानी प्रसिद्ध होली
आपको बता दें कि दुनियाभर में ब्रज की होली प्रसिद्ध मानी जाती है। यहां हर साल हजारों की तादाद में लोग यहां होली मनाने के लिए ब्रज आते हैं। खास बात यह है कि दैविक काल से ब्रज में 50 दिनों तक होली मनती चली आ रही है। यहां होली की शुरुआत वसंत पंचमी से होती है और चैत्र कृष्ण दशमी तक चलती है। तो ऐसे में आप भी यहां आकर ब्रज की होली का खूब लुत्फ उठा सकते हैं।
लड्डूमार होली
वैसे तो होली रंग वाली खेली जाती है लेकिन क्या आप ये जानते है कि बरसाना की लट्ठमार होली भी काफी प्रसिद्ध और मशहूर भी है। इस अवसर पर गोपियां राधा रानी की प्रतिनिधि कर नंद गांव के ग्वालों पर लाठियों से प्रतिघात किया करती हैं। वहीं, श्रीकृष्ण के प्रतिनिधि मानने वाले पुरुष लाठियों के प्रहार से खुद को बचाते है। वहीं, यह दृश्य बरसाने में बेहद मनोहर और देखने वाला होता है।
वृंदावन की मशहूर फूल की होली
हमारे देश में जिस दिन होलिका दहन होता है उसके अगले देशभर के कई जगहों पर रंगों की होली खूब धूम-धाम से खेली जाती है, लेकिन वृन्दावन में फूलों की होली खेली जाती है। इस मौके पर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालु भगवान के दर्शन पाने के लिए लगे रहते है और बांके बिहारी समेत पुजारी पर फूलों की बारिश किया करते हैं। इस कारण से वृंदावन को फूलों की होली के नाम से भी जाना जाता है।
कुर्तांं फाड़ होली
क्या आप ये जानते है कि मथुरा में कुर्ता फाड़ होली मनाई जाती है। यहां होली के दिन श्री द्वारकाधीश मंदिर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। इसके अगले दिन महिलाएं पुरुषों के कपड़े फाड़ देती हैं और साथ ही पुराने कपड़े से पीटा करती हैं।




