जल्द ही विमानों के किराए की तर्ज पर भारतीय रेलवे द्वारा पुनर्विकसित और अत्यधिक व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों से किराए में यूजर फ़ी चार्ज किया जाएगा। 17 सितंबर 2020 को रेलवे बोर्ड अध्यक्ष बी के यादव ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के वास्ते राजस्व जुटाने के लिए यह फैसला लिया गया है कि, अब रेलवे किराए में यूजर फ़ी वसूला जाएगा।
हालांकि, यह शुल्क काफ़ी मामूली होगा। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के मुताबिक़ यूजर फी वास्तव में रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट और आधुनिकीकरण के लिए जुटाया जा रहा है। इसे रेलवे टिकेट के किराए में जोड़ा जाएगा। इसके प्रभाव में आने के बाद ऐसा पहली दफा होगा जब रेल यात्रियों को इस तरह का शुल्क देना पड़ेगा।
यूजर फ़ी वसूलने की वजह
बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए जुटाया जा रहा ये शुल्क
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष बी के यादव का कहना है कि यह निर्णय रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में राजस्व जुटाने के लिए किया गया है। अपको बता दें कि देशभर के 7000 रेलवे स्टेशनों में से सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत स्टेशनों पर ही यात्रियों से यूजर फ़ी लिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि इनमें 750 रेलवे स्टेशन ऐसे होंगे जहां आने वाले सालों में भीड़ बढ़ेगी। रेलवे का कहना है कि यह चार्ज सिर्फ विकसित स्टेशनों पर ही वसूले जाएंगे। यह काम धीरे धीरे शुरू किया जाएगा।
जानिए यूजर फ़ीस से जुड़ी खास बात
यूजर फ़ीस वसूल करने के लिए रेलवे द्वारा नोटिफिकेशन जारी की जाएगी जिसमें यह भी बताया जाएगा किन स्टेशनों पर यूजर चार्ज लिया जाएगा। यह भी कहा गया है कि जब किसी स्टेशन का रीडेवलपमेंट पूरा हो जाएगा तो यूजर फीस उस एजेंसी को चला जाएगा जिसने स्टेशन को विकसित किया है। इसके बाद यूजर फ़ीस के माध्यम से यात्रियों कि बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के कामों पर फोकस किया जाएगा।
भारतीय रेलवे के अनुसार यह चार्ज सिर्फ उन स्टेशनों पर वसूला जाएगा जहां आने वाले पांच सालों में यात्रियों की भीड़ में बढ़ोतरी होगी। और इस दायरे में सिर्फ 10-15 प्रतिशत ही रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
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