बेहद तल्खी दौर से गुजर रहे हैं भारत पाकिस्तान संबंध, ऐसे में बिना किसी मंजूरी के भारतीय कब्बड्डी टीम पाकिस्तान पहुंच गई है। जी हां ये जितना सुनने में हैरान करने वाला है इसपर विश्वास करना उतना ही मुश्किल है लेकिन यह सच है। और पूरे खेल जगत में इस खबर के आते ही खलबली मच गई और इसके जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
खेल मंत्री ने क्या कहा बिना किसी मंजूरी के यात्रा पर
खेल मंत्रालय के सूत्र ने कहा, “मंत्री (किरन रिजिजू) इस मामले की जांच शुरू करवाने वाले हैं।” अन्य सूत्र ने बताया, “कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई खिलाड़ियों के वापस आने के बाद ही शुरू होगी।”
बिना मंजूरी के यात्रा
भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) ने सोमवार को कहा कि उसने विश्व स्तर के टूर्नामेंट के लिए किसी भी कबड्डी टीम के पाकिस्तान दौरे को मंजूरी नहीं दी है। चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारत से दल शनिवार को वाघा बॉर्डर के जरिए लाहौर पहुंचा, जिसका आयोजन पहली बार पाकिस्तान में किया जा रहा है। टीम के वहां पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हुई, जिसके बाद इसकी जानकारी हुई और भारतीय खेल जगत में हलचल मच गई।
कबड्डी महासंघ का बयान
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ (आइकेएफ) के अध्यक्ष जनार्दन सिंह गहलोत ने कहा कि टूर्नामेंट को शीर्ष निकाय द्वारा मान्यता नहीं दी गई है। गहलोत ने कहा, “यह फर्जी टूर्नामेंट है, इसमें फर्जी खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। पाकिस्तान में खेले जा रहे सर्कल विश्व कप में भाग ले रहे ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देश अंतरराष्ट्रीय महासंघ से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इन देशों में सर्कल कबड्डी नहीं खेला जाता, इसलिए ये फर्जी खिलाड़ी इन देशों का नेतृत्व कर रहे हैं।”
किसी के पास नहीं थी जानकारी
भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ (एकेएफआई) ने दावा किया कि उन्होंने किसी भी खिलाड़ी को पाकिस्तान में खेलने की मंजूरी नहीं दी है। इस मामले में पंजाब कबड्डी संघ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि टूर्नामेंट में भाग लेने गए लगभग सभी खिलाड़ी राज्य संघ से पंजीकृत हैं। राज्य संघ के पास खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भेजने का अधिकार नहीं है। ऐसे में यह हैरान करने वाला है कि बिना किसी के मंजूरी के कैसे टीम पाकिस्तान पहुंच गई। अब देखना है कि जांच के बाद क्या सच सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्यवाही होती हैं।