देश के अंदर जब से केंद्रीय कैबिनेट द्वारा नये मोटर व्हीकल एक्ट, 2019 (New Motor Vehicle Act ,2019) को मंजूरी मिली है, वाहन चालकों में खलबली मची हुई है। 1 सितंबर से प्रभावी नए अधिनियम में लगाए गए जुर्माने के नियमों से लोगों के पसीने छूटे हुए हैं। वाहन चालक अपने वाहन के कागजात से लेकर हेलमेट , ड्राइविंग लाइसेंस आदि जैसी सभी चीज़ें पूरी करने में लगे हुए हैं। बहुत लोग सिर्फ ये सोच कर घर से निकलते हैं की हमारे कागजात पूरे हैं। मगर रोड पर जाने के बाद उनका चालान ट्रैफिक पुलिस द्वारा काट दिए जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण है वाहन चालकों को नए अधिनियम की पूरी जानकारी न होना।
नए मोटर अधिनियम में कुछ पुराने नियमों में सुधार किया गया है जबकि कुछ नए नियम भी बनाये गए हैं। इन नए नियमों की जानकारी के अभाव में ही बहुत से लोगों के चालान कट रहे हैं। तो आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे इस नए मोटर व्हीकल एक्ट के नियम एवं जुर्माने के प्रावधान के बारे में जिन्हे जानकर आप किसी बड़ी जुर्माने जैसी परेशानियों से बच सकते हैं।
क्या है मोटर व्हीकल एक्ट?
नए मोटर व्हीकल अधिनियम को जानने से पहले हमारे लिए जानना जरूरी है कि ‘मोटर व्हीकल अधिनयम’ है क्या? तो हम आपको बता दें कि ‘मोटर वाहन अधिनियम’ भारत की संसद का एक अधिनियम है जो सड़क परिवहन वाहनों के सभी पहलुओं को नियंत्रित करता है। अधिनियम में ड्राइवर / कंडक्टरों के लाइसेंस, मोटर वाहनों के पंजीकरण, परमिट के माध्यम से मोटर वाहनों पर नियंत्रण, राज्य परिवहन उपक्रमों से संबंधित विशेष प्रावधान, यातायात विनियमन, बीमा, देयता, अपराध और दंड आदि के बारे में विधायी प्रावधान प्रदान किए गए हैं। अधिनियम के विधायी प्रावधानों में भारत सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 बनाया था। उसके बाद अब केंद्रीय कैबिनेट द्वारा नया ‘मोटर व्हीकल अधिनियम 2019’ लागू किया है , जो 1 सितंबर से पूरे देश में प्रभावी हो गया है।
नये ‘मोटर व्हीकल एक्ट 2019’ में नये नियम कौन से हैं?
नए मोटर व्हीकल एक्ट में कुछ नए नियम भी जोड़े गए हैं, जिनकी जानकारी अभी बहुत कम ही वाहन चालकों को है। अगर आपको इन नये नियमों की जानकारी नहीं है तो आपको भारी जुर्माने के साथ सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। इस अधिनियम के नए नियम में नया सेक्शन 182 B जोड़ा गया है, यह नियम ओवर साइज वाले वाहनों के लिए है जिसमें न्यूनतम 5 हजार रूपये जुर्माने का प्रावधान है। एक और नये नियम 193 के अन्तर्गत अगर आप लाइसेंस से जुड़े नियमो का उलंघन करते हैं तो 25 से लेकर 1 लाख रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
सेक्शन 194 A में पहले वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बिठाने पर कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं था मगर अब 1 हजार रूपये प्रति सवारी के हिसाब से जुर्माना देना पड़ेगा। सेक्शन 194 E के अनुसार अगर आप रोड पर एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देते हैं तो 10 हजार तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. अगर नाबालिग को वाहन चलते हुए पकड़ा जाता है तो 199 के अंतर्गत बच्चे के अभिवावक या वाहन मालिक दोषी माना जाएगा जिसके लिए 3 साल की सजा और 25 हजार रूपये जुर्माने का प्रावधान है। वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जा सकता है।
नए मोटर व्हीकल एक्ट में कितने जुर्माने ( Penalties) का है प्रावधान?
नए मोटर व्हीकल एक्ट में अगर जुर्माने की प्रावधान की बात करें तो आपकी छोटी सी चूक भी आपकी जेब ढीली कर सकती है। दूसरी भाषा में कहें तो नए ट्रैफिक नियमों का उलंघन सामान्य आदमी के मासिक बजट को भी बिगड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि नए जुर्माने के प्रावधानों से वाहन चालक भलीभांति अवगत रहें। ट्रैफिक नियमों के उलंघन करने पर पहले जितना जुर्माना लगाया जाता था, नए प्रावधानों के अनुसार उन जुर्मानों की राशि में कई गुना तक बढ़त की गयी है।
पुराने नियमानुसार जहाँ सीट बेल्ट न पहनने पर 300 रूपये जुर्माने का प्रावधान था, उसे बढ़ाकर अब 1000 रूपये कर दिया गया है। दो पहिया वाहन पर पहले दो से ज्यादा सवारी बिठाने पर 100 रूपये का जुर्माना था जिसे बढ़ाकर अब 1000 हजार कर दिया गया है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पहले जहाँ 500 रूपये जुर्माना देकर छूट सकते थे, वहीं अब 5 हजार रूपये देने होंगे। शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पहले जहाँ 2 हजार रूपये देने होते थे, अब 10 हजार रूपये जुर्माने के तौर पर देने होंगे।
पुलिस वालों को भी देना होगा जुर्माना
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पुलिस वालों के लिए भी एक अडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि अगर कोई पुलिस वाला किसी भी तरीके के यातायात नियमों का उलंघन करता है तो उसे दोगुना जुर्माने की राशि देनी होगी। इसके लिए दिल्ली ट्रेफिक पुलिस के जॉइंट कमिश्नर कार्यालय द्वारा अडवाइजरी जारी कर कहा गया है कि पुलिसकर्मी नए नियमों से भलीभांति अवगत रहें जिससे उन्हें जुर्माने जैसी चीज़ों का सामना न करना पड़े. यह अडवाइजरी जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) मीनू चौधरी ने जारी की है।
कौन सी चीज़ें जो आमतौर पर याद नहीं रहतीं और चालान काट जाता है?
कई बार बहुत छोटी छोटी चीज़ें ध्यान में न रखने से भी हम ट्रैफिक नियमो का उलंघन कर बैठते हैं. कुछ उन्ही पुरानी आदतों के कारण अब लोगों को जुर्माने जैसी परेशानिया झेलनी पड़ रही हैं. अक्सर हम कार चलाते समय में सीट बेल्ट बांधना भूल जाते हैं. बराबर में बैठने वाली सवारी बहुत कम ही सीट बैल्ट लगाना जरूरी समझती है. ऐसी गलती अब न हो इसके लिए घर से ही सीट बेल्ट लगा कर निकलें।
वाहन के कागजों को चेक करके रखें, कहीं उनकी समयावधि तो नहीं पूरी हो गयी। उसके अलावा मजाक में भी क्षमता से अधिक सवारी अपने वाहन में न बिठायें। सड़क पर पूरे नियमों का पालन करें क्योंकि अब पुलिस के अलावा कैमरा के जरिये यातायात के नियमों को तोड़ने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। शराब पीकर थोड़ी दूर तक भी वाहन पर न जाएं वरना जुर्माने के साथ ही बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Drive sensibly!#SadakSurakshaJeevanRaksha pic.twitter.com/cIZOJyJ9gh
— MORTHINDIA (@MORTHIndia) August 30, 2019
वाहन चालकों के हित में भी उठाये हैं कई कदम
इसके साथ ही सरकार ने नये नियमों में वाहन चालकों के हित में भी कई कदम उठाये हैं। अगर सड़क दुर्घटना में किसी की मृत्यु हो जाती है तो पहले जहाँ महज 25 हजार रूपये मुआवजा देने का प्रावधान था, वहीं इसे बढाकर 2 लाख रूपये कर दिया गया है। गंभीर चोट की स्थिति में घायल को जहाँ 25 हजार रूपये का मुआवजा दिया जाता था, उसे अब बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है। पहले अगर दुर्घटना होने के बाद कोई व्यक्ति घायल को अस्पताल ले जाता या घायल की सहायता करता तो उसे कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था मगर अब नए नियम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति की सहायता करता है और अंत में घायल की मृत्यु हो जाती है तो सहायता करने वाले को किसी कानूनी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019
Follow traffic rules otherwise it will cost you dearly as Motor Vehicle (Amendment) Act, 2019 with enhanced fine amount, has come into effect.
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) September 2, 2019
नए मोटर व्हीकल एक्ट में भारी भरकम जुर्माने और कड़ी सजा के प्रावधानों पर सरकार का कहना है कि भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात से जुड़े नियमों में कड़ाई करना जरूरी है। हर वर्ष लाखों लोग सड़क दुर्घनाओं में अपनी जान गवां रहे हैं। कई बार किसी एक की लापरवाही किसी दूसरे की मौत तक का कारण बन जाती है। जिन पर रोक लगाने के लिये कड़े नियम बनाना जरुरी था।
