पॉपुलर सोशल मीडिया ऐप टिक टॉक की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं| सरकार ने Tick-tok के साथ helo App को नोटिस भेजा है| सरकार को लगता है कि ये दोनों ऐप्स देश के खिलाफ होने वाली गतिविधियों में शामिल हैं और इसलिए 21 सवाल भेजकर दोनों प्लेटफॉर्म से जवाब मांगा गया है| जवाब ना मिलने की स्थिति में सरकार टिक टॉक और हेलो ऐप को बैन कर सकती है|
बता दे स्वदेशी जागरण मंच ने आरोप लगाए हैं कि टिक टॉक अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल एंटी नेशनल एक्टिविटीज के लिए कर रहे हैं| टिक टॉक ऐप पर पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं और कुछ वक्त के लिए उसे बैन भी कर दिया गया था| साकार ने 22 जुलाई तक जवाब देने को कहा है अन्यथा कल से टिक टोक बंद कर दिया जाएगा
Tick-tok से माँगा गया जवाब
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साइबर लॉ और ई-सिक्योरिटी विंग (MeitY) ने ‘टिक टॉक’ और ‘हेलो’ ऐप प्लेटफॉर्मों के ऑपरेटर्स को बुधवार को सख्त नोटिस भेज कर 22 जुलाई तक जवाब मांगा है| इन दोनों ऐप को चीन स्थित कंपनी ‘बाइटडांस’ की ओर से संचालित किया जाता है| ऐप के ऑपरेटर्स से उन आशंकाओं पर विस्तार से जवाब देने के लिए कहा है जिनके मुताबिक इन ऐप के जरिए ‘भारत विरोधी कंटेट’ और अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है|
Tick-tok से पूछे गए थे कुछ इस प्रकार के सवाल
सरकार ने टिक टोक से सुरक्षा से जुड़े कुछ इस प्रकार के सवाल किये थे जैसे की –
– आपत्तिजनक कंटेंट पर कैसे नजर रखी जाती है? और अगर ऐसा कोई कंटेंट मिलता है तो उसे कैसे हटाया जाता है|
– कैसे आश्वस्त करेंगे कि भारतीय यूजर्स का डेटा किसी विदेशी सरकार, किसी तीसरे पक्ष या निजी संस्था को भविष्य में नहीं बेचा जाएगा?
– क्या भारतीय यूजर्स के डेटा को चीन में भी स्टोर किया जा रहा है?
– अंडरऐज यूजर्स को लेकर क्या प्रावधान हैं?
– कैसे यूजर्स का डेटा इकट्ठा किया जाता है और उसे कहां शेयर किया जाता है?
Tick-tok के करीब 80 करोड़ यूज़र है| हसी मज़ाक तक तो ठीक मगर अब इस प्लेटफार्म पे संवेदनशील वीडियो भी शेयर किये जा रहे है| बता दे यह कोई पहेली बार नहीं है की टिकटॉक पर कार्यवाही की जा रही हो| इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर एंड्रॉयड और आईफोन ऐप स्टोर से हटा दिया गया था|


